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”जिला चंपारण” की शूटिंग 16 जनवरी से कोलकाता में...

प्रकृति फिल्म्स के बैनर तले बनने जा रही भोजपुरी फ़िल्म ”जिला चंपारण” की शूटिंग 16 जनवरी सेकोलकाता में शुरू की जाएगी ! सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इस फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आगे .इस फ़िल्म की कहानी काफी अलग और काफी आकर्षित करने वाली है जिसमे देश के आज़ाद होने के बाद की कहानी या फ़िल्म के माध्यम से खेसारी लाल अपने दर्शको के बिच आ रहे है.इस फ़िल्म के निर्माता सुरेन्द्र प्रसाद है जो इस फ़िल्म के माध्यम से भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना कदम रख रहे है.इस फ़िल्म के निर्देशक लाल बाबू पंडित है जो खेसारी के साथ कई सालो से फ़िल्म बनाना चाहते थे और अब उन्हें खेसारी के साथ काम करने का मौका मिला है !

इस फ़िल्म का संगीत काफी मधुर और आकर्षित करनेवाला होगा जिसे संगीत मधुकर आनंद और गीत प्यारेलाल यादव और आज़ाद सिंह ने तैयार किया है ! इस फ़िल्म के लेखक मनोज कुशवाहा है ! फ़िल्म में धमाकेदार एक्शन सीन दर्शकी को देखने मिलेंगे ! इस फिल्म का मुहूर्त मुम्बई में कंट्री क्लब में बहुत ही धूम धाम से किया गया था !फिल्म के मुख कलाकार है खेसारी लाल यादव ,अवधेश मिश्र ,संजय पांडेय ,मनोज टाइगर ,आनंद मोहन ,संजय महानंद ,आदि है ! फ़िल्म का प्रचार प्रसार संजय भूषण पटियाला !————SANJAY BHUSHAN PATIYALA

”ससुराल” की शूटिंग 12 जनवरी से गुजरात में !...

प्रदीप पांडेय की भोजपुरी फिल्म ”ससुराल” की शूटिंग 12 जनवरी से गुजरात के राजपिपला शहर में की जाएगी ! इस फिल्म के निर्माता – निर्देशक राजकुमार आर पांडेय है जिन की हाल ही में भोजपुरी फिल्म ”दुलहीन चाही पाकिस्तान से” सुपर डुपर हिट हो चुकी है ! निर्देशक राजकुमार आर पांडेय ने बतया की ”ससुराल” बहुत ही अलग तरह कहानी है जो हमारे ऑडियंस को पसंद आएगी !

इस फिल्म के गाने बहुत अच्छे है जिस की रिकॉडिंग पूरी हो चुकी है ! इस फिल्म में प्रदीप पांडेय ”चिंटू ” का बहुत ही अलग किरदार है जो अभी तक किसी सिनेमा में नही देखा गया है ! फिल्म में भोजपुरी फिल्म जगत के और भी कलाकार नजर आने वाले है जिस की घोषण जल्द की जाएगी !

रानी चट्टर्जी की फिल्म ‘गुंडे’ की शूटिंग पूरी  !...

रज्जाक खान फ़िल्म प्रोडक्शन डी.भी.एस. एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी  फ़िल्म ‘गुंडे’ की शूटिंग मुम्बई में पूरी हो चुकी है ! धमाकेदार एक्शन से भरपूर इस फ़िल्म के निर्देशन बाली द्वारा किया गया है और फ़िल्म के निर्माता रज्जाक खान और सचिन झा है फ़िलहाल आज कल मुम्बई में फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम जोर शोर से किया जा रहा है !

भोजपुरी फिल्म ”गुंडे ”एक सच्ची घटना पर अधारित है जिसमे कुणाल तिवारी,विराज भट्ट,रानी चट्टर्जी,अंजना सिंह,मनोज टाइगर,संजय पाण्डेय,विविधा,रईस खान ,प्रज्ञा तिवरी,सीमा सिंह,माही खान,अजय झा ,अरुण सूर्यवंशी,राकेश कुशवाहा ,डॉ .रघुवेंद्र यादव ,जफ़र ,परितोष ,और सोनिया मिश्रा मुख्य भूमिकाओं में है.इस फ़िल्म के सभी गाने काफी कर्णप्रिय और नयेपन के साथ तैयार किया गया है जिसमे संगीत दामोदर राव ,और श्याम देहाती द्वारा दिया गया है और गीत लिखे है आज़ाद सिंह,कृष्णा बेदर्दी,श्याम देहाती,पवन पांडेय ने ! फ़िल्म का लेखन इंद्रजीत कुमार ने लिखा है ! डी.ओ.पी.रवि चन्दन ,जहांगीर सैयद, ने किया है ! फ़िल्म के धमाकेदार एक्शन सीन को शाहबुद्दीन ने बहुत ही अच्ची तरह से फिल्माया है ! फ़िल्म का प्रचार प्रसार संजय भूषण पटियाला द्वारा किया जा रहा है जोर शोर से पुरे भारत में !————-SANJAY BHUSHAN PATIYALA

खेसारी लाल यादव की फिल्म ”बाबरी मस्जिद” की शूटिंग संजान  में !...

भोजपुरी फिल्म ”बाबरी मस्जिद” की अंतिम शूड्यूल शूटिंग आज गुजरात के संजान में किया जा रहा है फिल्म में खेसारी लाल यादव के साथ काजल राघवानी,अवधेश मिश्र ,संजय पांडेय ,बृजेश त्रिपाठी ,ऋतू पांडेय ,त्रिशा खान ,के.के .गोस्वामी ,पप्पू यादव ,देव सिंह ,सम्भवना सेठ ,जैसे कलाकार नजर आने वाले है फिल्म की पूरी शूटिंग लगभग हो चुकी है फिल हॉल फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुम्बई के ऑडियो लैब में किया जा रहा है ! इस फिल्म के निर्माता धीरेन्द्र चौबे है तथा निर्देशक देव पांडेय है ! फिल्म के प्रचारक संजय भूषण पटियाला है ! यह फिल्म होली पर रिलीज़ किया जायेगा !

अभिनेत्री किरण सिंह की छलांग अब बॉलीवुड में भी !...

भोजपुरी फिल्मों की किरन सिह अब हिंदी फिल्म ”द बर्निंग ट्रुथ” में नजर आने वाली है यह फिल्म एक सामजिक प्रथा पर है , इस फिल्म में सभी नए कलाकार है फिल्म के निर्देशक सुरेश दुगल है  ! नारी कितना संघर्ष करती है आज के समय में  इस फिल्म के माध्य्म से  दिखाया जायेगा ,यह फिल्म जल्द ही सिनेमा घरो में नजर आएगी ! मूलतः इलाहाबाद की रहने वाली किरण की पहली भोजपुरी फिल्म निर्देशक  शुब्बा रेडी की ”जिगवाला” थी  दूसरी निर्देशक संजय श्रीवास्तव की ”माई के बिरुआ” थी जो बहुत  अछी फिल्म थी ! माधुरी दिक्षित को आदर्श मानने वाली किरण को डांस से बचपन से ही लगाव था वो हमेशा डांस को लेकर कुछ न कुछ नया करने की सोचती है !

भोजपुरी फिल्मो में रवि किशन ,दिनेश लाल यादव ,खेसारी लाल यादव ,पवन सिंह ,प्रदीप पांडेय चिंटू ,यश कुमार जैसे सभी बड़े कलाकारों के साथ काम करना चाहती है ! भोजपुरी में पवन सिंह और कल्पना के लगभग सभी गाने मुझे सबसे ज्यादा पसंद है उन गानो पर मैं हमेशा डांस की पैक्टिक करती रहती हूँ ! मैं अपने दोस्तों को नए साल की सुभकामनाये देती हूँ !

एन के ढाभर कैंसर फाउंडेशन और टाटा मेमोरियल सेंटर ने जेनेकोलोजिकल ऑनकोलोजी पर पैन इंडिया के २६५ डॉक्टरों के साथ परेल स्थित टाटा मेमोरियल में सम्मेलन आयोजित किया था ....

एन.के. ढाभर कैंसर फाउंडेशन (NKDCF) एक पंजीकृत एनजीओ है, कैंसर पिडीत लोगों के लिए वित्तीय, भावनात्मक और सामाजिक सहायता प्रदान करता है और रोगियों व उनके परिवारों के लिए साहस बढ़ाने का काम करती है।

हमारा प्रयास है कि हर कैंसर पिडीत मरीजों का इलाज एकीकृत हो, क्योंकि हम मानते हैं कि  हर व्यक्ति को कैंसर के किसी भी चरण में, देखभाल और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है के लिए है।

हम कैंसर के उपचार, रोकथाम और कैंसर का जल्दी पता लगाने पर प्रसार के बारे में जागरूकता, मौजूदा कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत बनाने के कैंसर के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय,सरकार,व्यावसायिक निकायों और गैर सरकारी संगठनों के साथ बातचीत के लिए मौद्रिक और चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं।

कैंसर का पता लगाने शिविरों एक नई तकनीक- आय ब्रैस्ट परीक्षा (IBE) के साथ आयोजित की जाती हैं और मुक्त मैमोग्राम्स जिन लोगों ने आगे की जांच की जरूरत के लिए प्रदान की जाती हैं।

नींव की लंबी अवधि के लक्ष्य के कैंसर के रोगियों के लिए एक पूर्ण प्रशामक देखभाल और कल्याण केन्द्र शुरू करने के लिए है। इस दृष्टिकोण के माध्यम से, हम शारीरिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक और सामाजिक सरोकारों कि उन्नत कैंसर के साथ उठता संबोधित करने के लिए करना चाहते हैं। एन.के.ढाभर  कैंसर फाउंडेशन कला केंद्र के लिए राज्य से धन जुटाना चाहता है।

कैंसर एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गया है। महिला प्रजनन पथ और स्तन कैंसर की भारतीय महिलाओं के बीच एक उच्च घटना है। भारत में महिलाओं को रोगों से ज्यादा से ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।आप एनीमिया के बारे में बात करते हैं, पिछले 50 वर्षों के लिए, सरकार ने आयन टैबलेट भारतीय महिलाओं के लिए प्रदान की गई है। इसके बावजूद,  भारत में एनीमिया की समस्या सबसे ज्यादा है। तो समस्या ही सामर्थ्य और दवा के लिए उपयोग की तुलना में कहीं अधिक है। हमें और भी काम करने की जरुरत है जिससे दवाओं तक पहुंच सके। हमारे लिए यह जागरूकता, निदान, वकालत और पहुँच का चक्र पूरा करने के बारे में है। देखभाल के मानक को पुनर्परिभाषित और स्वास्थ्य के परिणामों में सुधार लाने का एक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ,हम जिस तरह से महिलाओं की तरह के कैंसर भारत में इलाज कर रहे हैं और बदलने का एक अवसर देखते हैं। कदम से कदम, दिन-ब-दिन हम एक फर्क कर सकते हैं।

एन के ढाभर कैंसर फाउंडेशन ने टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के साथ वैज्ञानिक सहयोग से और एसोसिएशन ऑफ जेनेकोलोजिकल ऑनकोलोजीस्ट एक महत्वपूर्ण और अद्वितीय सम्मेलन आयोजित किया था – ‘द ईयर २०१६ एंड मास्टर क्लास इन जेनेकोलोजिकल कैंसर’. आयोजन समिति के सचिव डॉ. बोमन ढाभर, आयोजक सचिव डॉ. अमिता महेश्वरी, संयोजक वैज्ञानिक समिती के डॉ. सुदीप गुता और डॉ. हेमंत टोनगांवकर व अमिश दलाल शामिल थे।

भारत में पहली बार जेनेकोलोजिकल ऑनकोलोजी का सम्मेलन हुआ है। पहले दिन के सम्मेलन में २६५ ऑनकोलोजिस्ट और ऑनकोलोजी के छात्रों ने भाग लिया था। इस सम्मेलन में जेनेकोलोजिकल ऑनकोलोजी के प्रख्यात डॉक्टरों ने हिस्सा लिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर से स्पेन से डॉ. जैमे परेट, ओएनजीसीओ पैथोलोजिस्ट और यूएससे डॉ. किश्ननसु तिवारी, मेडीकल ऑनकोलोजीस्ट शामिल थे।

इस सम्मेलन में नए उपचार एल्गोरिदम, लक्षित दवाओं, निदान, रणनीती के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की गई। साथ ही जेनेकोलोजिकल कैंसर के रोगियों के प्रबंधन के लिए प्रमुख नैदानिक परीक्षण डेटा बेहतर उपयोग करता हैं।

इंटरनेशनल जर्नल जैसे ASCO, SGO, ESMO, ESGO में महत्वपूर्ण समीक्षा की गई। इन विषयों पर विचार-विमर्श और बहस जरुरी है,  जो हमारे रोगियों के लिए नए उपचार के विकल्प की बेहतर समझ में मदद कर रहे थे। रोगियों के लिए चिकित्सा निजीकृत करने के लिए नई रणनीति के विकास के लिए सबसे हाल ही में तकनीक और डेटा का ज्ञान बेस्ट प्रैक्टिस के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जो युवा डॉक्टर इन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हिस्सा नहीं ले पाते।उनके लिए यह महत्वपूर्ण है, जो इलाज का प्रबंधन और देखभाल जेनेकोलोजिकल कैंसर के रोगियों के लिए इष्टतम तरीका प्रभावित करता है कि अभ्यास के बदलते डेटा की एक महत्वपूर्ण राशि प्रस्तुत किया गया है।

सम्मेलन के अलावा NKDCF ने कैंसर की एक कार्यशाला ७ जनवरी, २०१७ को आयोजित की थी, जहां रोगियों को डॉ स्वामी निर्मलानंद सरस्वती के साथ आसन,प्राणायाम और विश्राम / ध्यान के साथ अनुभव प्राप्त हुआ।7 जनवरी 2017 को एक रोगी वकालत कार्यक्रम का आयोजन किया था। प्रतिभागियों आराम के साथ ज्ञान की बातंय बताई गई। सकारात्मक चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें सिखाया गया। अंत में सभी को ताली बजाने और नृत्य के साथ खुशी से गीत गाए।

मास्टर शेफ विष्णु मनोहर और आहार विशेषज्ञ मेघना कुमारी के साथ आहार और पोषण पर एक सत्र संपन्न हुआ। दर्शकों ने भोजन और आहार के विभिन्न पहलुओं बातचीत की। श्री विष्णु मनोहर ने कैंसर रोगियों के लिए कुछ स्वस्थ व्यंजनों साझा और सुश्री मेघना कुमारी ने उन्हें आहार और भोजन पर उपयोगी और महत्वपूर्ण सुझाव के साथ रोमांचित किया।

कार्यक्रम सुश्री भारती गोलटकर की प्रेरणा के साथ सत्र संपन्न हुआ।उन्होंने मानदंड और दृष्टिकोण में परिवर्तन पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने डॉ विक्टर फैनकल से चर्चा की और उनकी लोगो थेरेपी बताई।इस कार्यक्रम में १०० से अधिक रोगियों ने हिस्सा लिया था और बहुत ही अच्छा प्रतिसाद और प्रतिक्रिया मिली है।