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लोकप्रिय अभिनेता • निर्माता • निर्देशक विजय सक्सेना की फिल्म Mission Canada का पोस्टर उनकी स्वर्ण जयंती जन्मदिन की पार्टी में लौंच किया गया !...

लोकप्रिय अभिनेता, निर्माता और निर्देशक विजय सक्सेना का स्वर्ण जयंती जन्मदिन मित्रता, सृजनशीलता, उपलब्धियों और रिश्तों की खूबसूरत गर्माहट से भरा एक यादगार अवसर बन गया। यह विशेष दिन उनके 50 वर्षों के जीवन-सफर, सपनों, संघर्षों और रचनात्मक उपलब्धियों का भी शानदार उत्सव रहा।

अपने 50वें जन्मदिन के अवसर पर विजय सक्सेना को उनके करीबी मित्रों और शुभचिंतकों ने दिल से बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दीं। इनमें राहुल रॉय, अरुण बख्शी, कमाल खान, अभिनेत्री सोनी दास, ग़ज़ल, पूजा, रोशनी, राजदीप चौहान, पवन कुमार करमे, रॉबिन, नीलम नारायण, फिरदौस सहित अनेक मित्र एवं शुभचिंतक शामिल रहे। इस खुशी के अवसर पर भव्य कॉकटेल डिनर का आयोजन हुआ, जहाँ संगीत, नृत्य और आत्मीय मित्रता के माहौल ने समारोह को और भी यादगार बना दिया।

विजय सक्सेना की जीवन-यात्रा इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि इसमें “गाँव की मिट्टी से लेकर वैश्विक सपनों तक” का अद्भुत सफर दिखाई देता है। जगतपुर क्षेत्र के समीप स्थित एक गाँव से अपनी यात्रा शुरू करने वाले विजय सक्सेना ने आगे चलकर कनाडा में अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की।

परिचित गाँव की गलियों और अपनी जड़ों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कनाडाई मनोरंजन जगत तक पहुँचना उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके गृह क्षेत्र से जुड़े हर व्यक्ति के लिए गर्व की बात है।

उनकी इस यात्रा को और विशेष बनाती है उनकी आगामी फिल्म “Mission Canada”। फिल्म के कई महत्वपूर्ण हिस्सों की शूटिंग जगतपुर क्षेत्र के गाँवों और उन परिचित स्थानों के आसपास की गई है, जहाँ विजय सक्सेना का बचपन और प्रारंभिक जीवन बीता। अपनी मिट्टी, खेतों, रास्तों, लोगों और परिचित परिवेश को बड़े पर्दे पर देखना उनके अतीत और वर्तमान के बीच एक बेहद भावुक और आत्मीय सेतु का निर्माण करता है।

किसी कलाकार के लिए अपनी जड़ों से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुँचना केवल व्यावसायिक सफलता नहीं होती, बल्कि यह उसकी पहचान, संस्कृति, संस्कार और सपनों की विजय भी होती है। विजय सक्सेना की कहानी इस बात का सुंदर उदाहरण है कि प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और रचनात्मक जुनून व्यक्ति को भौगोलिक सीमाओं से बहुत आगे ले जा सकते हैं, लेकिन अपनी जन्मभूमि और अपनी मिट्टी से भावनात्मक रिश्ता हमेशा कायम रहता है।

अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में उनका अनुभव क्षेत्र के उभरते कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनकी रचनात्मक सोच, पेशेवर अनुभव और अंतरराष्ट्रीय exposure नई पीढ़ी के कलाकारों, लेखकों, संगीतकारों और फिल्मकारों को यह विश्वास दिला सकते हैं कि बड़े सपने देखना और उन्हें वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाना पूरी तरह संभव है।

गायक पवन कुमार करमे का मानना है कि जब अपनी मिट्टी से जुड़े शब्द, भावनाएँ और संगीत एक अनुभवी सिनेमाई दृष्टि से जुड़ते हैं, तो ऐसी रचनाएँ सीमाओं को पार कर विभिन्न संस्कृतियों के दिलों तक पहुँचने की क्षमता रखती हैं।

इसलिए विजय सक्सेना की स्वर्ण जयंती केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं, बल्कि 50 वर्षों के जीवन, सपनों, रिश्तों, संघर्षों, रचनात्मकता और स्थानीय जड़ों से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक की प्रेरणादायक यात्रा का उत्सव है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि यह स्वर्णिम पड़ाव विजय सक्सेना जी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, अपार खुशियाँ, नई रचनात्मक ऊँचाइयाँ और निरंतर वैश्विक सम्मान लेकर आए। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म “Mission Canada” को शानदार सफलता मिले और उनके जीवन की सिनेमाई यात्रा आने वाले वर्षों में अनेक नई और यादगार उपलब्धियों से रोशन होती रहे।

केवल कुमार और Leo Media Digital कि और सेbविजय सक्सेना जी को स्वर्ण जयंती जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!

 

लोकप्रिय अभिनेता • निर्माता • निर्देशक विजय सक्सेना की फिल्म Mission  Canada का पोस्टर उनकी स्वर्ण जयंती जन्मदिन की पार्टी में लौंच किया गया !

निर्माता गोविंद साहनी ने की अपने R3 Media एंटरटेनमेंट यूट्यूब चैनल और नए गाने की भव्य लॉन्चिंग...

मुंबई. 22 अगस्त  2026. भोजपुरी और हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक नया नाम तेजी से उभरने जा रहा है – R3 Media Entertainment. निर्माता गोविंद साहनी के R3 Media Entertainment यूट्यूब चैनल और उसके पहले म्यूजिक वीडियो की ग्रैंड लॉन्चिंग हाल ही में मुंबई के इंपा थिएटर में धूमधाम से की गई।

इस मौके पर गाने की अभिनेत्रियां खुशी यादव, प्रियंका चौरसिया और महेश्वर कुमार माही समेत कई कलाकार और म्यूजिक इंडस्ट्री के गणमान्य लोग मौजूद थे। प्रॉडक्शन हाऊस का पहला गीत “जहजिया के अवजिया” रिलीज किया गया जिसमें खुशी यादव ने फीचर किया है इस अवसर पर अंकित मिश्रा भी उपस्थित थे. इस चैनल का दूसरा गीत “साड़ी से एलर्जी बा” जल्द रिलीज किया जाएगा जिसमें प्रियंका चौरसिया ने अपने जलवे दिखाए हैं.

निर्माता गोविंद साहनी ने सभी कलाकारों, डीओपी और कास्टिंग डायरेक्टर को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया.

चैनल लॉन्च के अवसर पर निर्माता गोविंद साहनी ने कहा कि R3 Media Entertainment का उद्देश्य सिर्फ गाने बनाना नहीं है, बल्कि नए टैलेंट को एक बड़ा प्लेटफॉर्म देना भी है। उन्होंने बताया, “हम R3 Media Entertainment के माध्यम से साफ-सुथरे, पारिवारिक और दिल को छू लेने वाले गाने लेकर आएंगे। हम भोजपुरी के साथ-साथ हिंदी गानों पर भी काम करेंगे। हमारे चैनल पर लगातार नए सिंगर्स और एक्टर्स को मौका मिलेगा। बल्कि हमारा प्लान फिल्म प्रोड्यूस करने का भी है. हमारे चैनल पर सप्ताह में एक और महिने में चार गाने रिलीज होंगे अधिकतर रोमांटिक गीत होंगे.”

लॉन्च हुए पहले गाने में अभिनेत्री खुशी यादव नजर आ रही हैं। उनकी अदाओं और डांस को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने काफी सराहा। गाने के लॉन्च होते ही दर्शकों ने इसे काफी पसंद किया।

खुशी यादव ने कहा, “गोविंद साहनी जी के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। यह गाना युवाओं को बहुत पसंद आने वाला है।”

वहीं प्रियंका चौरसिया ने कहा कि R3 Media Entertainment नए कलाकारों के लिए एक परिवार की तरह है।

सितारों से भरी ये लॉन्चिंग इवेंट की शाम पूरी तरह से म्यूजिक और मस्ती के नाम रही। भव्य रूप से चैनल की शुरुआत की गई और फिर बड़े पर्दे पर नए गाने को दिखाया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में गोविंद साहनी ने आने वाले प्रोजेक्ट्स की भी झलक दी। R3 Media Entertainment जल्द ही एक के बाद एक कई भोजपुरी और हिंदी रोमांटिक सॉन्ग्स रिलीज करने वाला है।

फिलहाल यह गाना R3 Media Entertainment के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर खूब चल रहा है और दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

 

निर्माता गोविंद साहनी ने की अपने R3 Media एंटरटेनमेंट यूट्यूब चैनल और नए गाने की भव्य लॉन्चिंग

लिटिल शॉर्ट फिल्म्स फेस्टिवल 2026: सिनेमा की प्रतिभाओं का भव्य सम्मान मुंबई।...

17अगस्त 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित IMPPA में लिटिल शॉर्ट फिल्म्स फेस्टिवल 2026 का भव्य आयोजन हुआ। समारोह में शॉर्ट फिल्म, वेब सीरीज, म्यूजिक एल्बम, टेलीविजन और सिनेमा से जुड़े कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को अलग-अलग स्थानों पर सम्मानित किया गया।

फेस्टिवल के आयोजन में आयोजक MOVIE CREATORS *(कृष्ण के शर्मा), *ATPATI FILMS के को-फाउंडर (धर्म देव रे) और डायरेक्टर (एम आर  खान) के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन का उद्देश्य नए कलाकारों और फिल्मकारों को मंच देना और उनकी प्रतिभा को सम्मानित करना रहा। फेस्टिवल में ⭐ ‘सब कुछ पाया… कुछ हाथ न आया’ की विशेष चर्चा रही और वेब सीरीज ‘सब कुछ पाया… कुछ हाथ न आया – कागजों में मौत’ की टीम विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

रजा मुराद,कृष्ण के शर्मा व धर्म देव रे ने सभी      विजेताओं का सम्मान किया।

एम आर खान – बेस्ट डायरेक्टर, एम के राजपूत – बेस्ट प्रोड्यूसर: बैनर: एम के फिल्म्स एंड टेलीविजन प्रोडक्शन – बेस्ट प्रोडक्शन।

इसके अतिरिक्त (आयरा) (सना खान) (आलिया खान) (शालू सिंह) (अंशु) और (माही खान) को सम्मिलित रूप से बेस्ट एक्ट्रेस और (कुणाल सिंह राजपूत) (परम शर्मा) (मनव्वर मंसूरी) और (पराग) को बेस्ट एक्टर के सम्मान से सम्मानित किया गया।

जबकि हरदेव सिंह – बेस्ट राइटर, अकील और दीपक – बेस्ट डीओपी, समीर खान – बेस्ट मेकअप, अजय कुमार और संदीप – बेस्ट कैरेक्टर एक्टर, सविता – बेस्ट नेगेटिव एक्टर और नंद लाल – बेस्ट कंट्रोलर को भी सम्मानित किया गया।

‘सब कुछ पाया… कुछ हाथ न आया’ की कहानी और प्रस्तुति ने दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर किया कि जिंदगी में बहुत कुछ हासिल करने के बाद भी इंसान के हाथ कभी-कभी खाली क्यों रह जाते हैं।

डायरेक्टर एम आर खान की खास तारीफ :

फेस्टिवल में डायरेक्टर एम आर खान के निर्देशन की भी खास चर्चा रही। ‘सब कुछ पाया… कुछ हाथ न आया – कागजों में मौत’ में उन्होंने कहानी, कलाकारों और टेक्निकल टीम को बेहतर तरीके से जोड़कर प्रोजेक्ट को असरदार रूप देने की कोशिश की। उनके निर्देशन स्टाइल में सस्पेंस, इमोशन और मनोरंजन का अच्छा बैलेंस देखने को मिला। बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान उनके निर्देशन, मेहनत और क्रिएटिव सोच की एक खास पहचान रहा।

कई प्रतिभाओं का सम्मान:

फेस्टिवल में रजा मुराद (बेस्ट एक्टर),ए. जे. सुनील, आलिया खान, रश्मि गुरबानी, माही खान, शालू सिंह, अंशु शेख, अंहंश कुमार, पल्लबी देबनाथ, रजनी मेहता, अतुल राजकुले (बेस्ट डायरेक्टर), शिरीन फरीद, संजय पाटिल, शगुफ्ता अली, ईश्वर चित्ते (बेस्ट आर्टिस्ट), सुमोना घोष, साहिल शेख, मानवर मंसूरी, पराग, सूरज शेट्टी, दान सिंह राजपूत (बेस्ट डायरेक्टर), जूली जैस्मीन, रोशन राज पाशा (बेस्ट डायरेक्टर), राजू एस. गोयल (बेस्ट डायरेक्टर) और ईश्वर एम. परमार सहित कई कलाकारों, डायरेक्टरों और मेकर्स को सम्मानित किया गया। टेक्निकल फील्ड में अनिल गुप्ता–बेस्ट एडिटर और फैजल–बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर सहित कई अन्य प्रतिभाओं को पुरस्कार मिले। LITTLE SHORT FILMS FESTIVAL 2026 ने यह संदेश दिया कि सिनेमा की प्रतिभा केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं है। शॉर्ट फिल्म, वेब सीरीज, म्यूजिक वीडियो और स्वतंत्र सिनेमा से जुड़े कलाकारों को भी सही मंच और सम्मान मिलने से वे नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। फेस्टिवल की यह शाम कलाकारों, फिल्मकारों और तकनीकी प्रतिभाओं के नाम रही।

 

लिटिल शॉर्ट फिल्म्स फेस्टिवल 2026: सिनेमा की प्रतिभाओं का भव्य  सम्मान मुंबई।

डॉ. वैभव “नायाब” शर्मा ।“ज़ुबान के बादशाह • रूहानी फ़रिश्ता • शब्दों को जादू में बदल देने वाली शख़्सियत”।...

पुणे की कानून की गलियों से लेकर बॉलीवुड, उर्दू शायरी और सेलिब्रिटी एंकरिंग की चमकती दुनिया तक—प्रतिभा, सफलता और सम्मान की एक बेमिसाल दास्तान ।

कुछ शख़्सियतें कमरे में प्रवेश करती हैं… कुछ मंच पर आते ही माहौल बदल देती हैं… और फिर कुछ ऐसी नायाब हस्तियाँ होती हैं, जिनके शब्द ही एक पूरा संसार रच देते हैं। डॉ. वैभव “नायाब” शर्मा ऐसी ही एक विलक्षण शख़्सियत हैं।

40 राष्ट्रीय और 6 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित, अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रिटी एंकर, प्रख्यात उर्दू शायर और प्रभावशाली वक्ता डॉ. वैभव शर्मा ने कानून, साहित्य, शायरी, मनोरंजन और मंच संचालन की दुनिया में अपनी एक अलग और शानदार पहचान बनाई है। उनकी यात्रा केवल उपलब्धियों की कहानी नहीं, बल्कि प्रतिभा, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और शब्दों की अद्भुत शक्ति का शानदार उत्सव है।

प्रतिष्ठित सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज, पुणे से B.S.L. Law Honours की डिग्री हासिल करने वाले डॉ. शर्मा के भीतर छिपे कलाकार ने उनके छात्र जीवन में ही अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। भारत के प्रतिष्ठित युवा महोत्सव IIT मुंबई के MOOD INDIGO FESTIVAL में उन्होंने हिंदी एक्सटेम्पोर और क्रिएटिव राइटिंग—दोनों में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।

मंच उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक विस्तार बन गया।

वर्ष 2004 में उन्हें महान ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह जी के कार्यक्रम की एंकरिंग एवं मंच संचालन प्रस्तुति देने

का गौरव प्राप्त हुआ। यह उनके जीवन का ऐसा यादगार अध्याय था, जिसने उनकी प्रतिभा को भारतीय संगीत की एक महान विभूति से जोड़ दिया।

उर्दू शायरी के क्षेत्र में भी डॉ. शर्मा ने अपनी सशक्त पहचान बनाई। वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ उर्दू में आयोजित महफ़िल-ए-कायनात में उन्होंने बेस्ट उर्दू शायर अवॉर्ड हासिल किया।

यह सम्मान उन्हें डायलॉग किंग कादर खान, मशहूर उर्दू शायर डॉ. बशीर बद्र और सुप्रसिद्ध शायर निदा फ़ाज़ली जैसी महान हस्तियों की उपस्थिति में प्राप्त हुआ।

किसी शायर के लिए इससे बड़ा सम्मान और क्या हो सकता है कि उसकी भाषा और शायरी को स्वयं दिग्गज कलाकार पहचान दें।

भारत रत्न माँ सरस्वती लता मंगेशकर जी, महान हिंदी कवि डॉ. गोपालदास नीरज जी और ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह जी और टॉम अल्टर ने उनकी भाषा और अभिव्यक्ति की विलक्षण क्षमता की सराहना की। वहीं सब ने वैभव जी को गौरवपूर्ण उपाधि दी—“ज़ुबान के बादशाह।” ।

वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ उर्दू में उनकी मंत्रमुग्ध कर देने वाली और रूह को छू लेने वाली उर्दू शायरी सुनकर मक्का-मदीना के मौलवी साहब ने उन्हें “नायाब” की उपाधि दी—अर्थात् ऐसा व्यक्तित्व जो दुर्लभ, अनमोल और बेमिसाल हो।

और जब कादर खान जी जैसी महान शख़्सियत किसी को “रूहानी फ़रिश्ता” कहकर संबोधित करे, तो वह उपाधि स्वयं एक सम्मान बन जाती है। यह नाम डॉ. शर्मा की यात्रा में एक और अनमोल अध्याय बन गया।

18 जुलाई 2021 को मुंबई में उनके सम्मान का एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ा, जब उन्हें American University of Global Peace, U.S.A. द्वारा Doctorate of Honour से सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर उनके साथ महान पार्श्वगायक पद्मभूषण उदित नारायण जी और सुप्रसिद्ध दिग्गज अभिनेता रज़ा मुराद जी भी सम्मानित हुए।

डॉ. वैभव “नायाब” शर्मा केवल पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तित्व नहीं हैं। वे अभिव्यक्ति के कलाकार, भावनाओं के प्रस्तोता और भाषा के सच्चे साधक हैं।

उनकी यात्रा यह सिद्ध करती है कि जब ज्ञान का मिलन रचनात्मकता से और प्रतिभा का मिलन समर्पण से होता है, तो सफलता स्वयं रास्ता तलाश लेती है।

एक नायाब शख़्सियत… एक बेमिसाल सफ़र… और एक ऐसी विरासत, जो केवल कागज़ पर नहीं, बल्कि सुनने वालों के दिलों में लिखी जाती है।

 

डॉ. वैभव “नायाब” शर्मा ।“ज़ुबान के बादशाह • रूहानी फ़रिश्ता • शब्दों को  जादू में बदल देने वाली शख़्सियत”।

राहुल देशपांडे की ‘अभंगवारी’ ने शन्मुखानंद हॉल को भक्तिरस से सराबोर किया...

मुंबई: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायक राहुल देशपांडे ने शनिवार को मुंबई के प्रतिष्ठित शन्मुखानंद हॉल में अपने बहुचर्चित संगीतमय प्रस्तुति ‘अभंगवारी’ के माध्यम से भक्ति, संगीत और अध्यात्म का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। खचाखच भरे सभागार में हजारों संगीतप्रेमी और श्रद्धालु संतों की अमर वाणी में डूब गए।

राहुल देशपांडे की भावपूर्ण गायकी ने शन्मुखानंद हॉल को मानो पंढरपुर की वारी में बदल दिया। हर अभंग श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत था, जिसने पूरे सभागार को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संत परंपरा के अमर संदेशों से सजी इस संगीतमय संध्या ने उपस्थित सभी लोगों को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया।

कार्यक्रम में राहुल देशपांडे की माता वंदना देशपांडे, महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य श्रीकांत भारतीय, लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले, उद्योगपति सदानंद सुले तथा ओरिएंटल अरोमैटिक्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग साटोस्कर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी ‘अभंगवारी’ आज देश के सबसे प्रतिष्ठित भक्तिमय संगीत आयोजनों में शुमार हो चुकी है। राहुल देशपांडे की प्रभावशाली प्रस्तुति, संत साहित्य पर आधारित भावपूर्ण कथावाचन, उनकी बहन दीप्ती माटे की सुरमयी प्रस्तुति और उत्कृष्ट वादकों की संगत ने पंढरपुर वारी की दिव्य अनुभूति को मंच पर साकार कर दिया।

करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार “राम कृष्ण हरी” के जयघोष से गूंजता रहा। संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव, संत एकनाथ और अन्य संत कवियों की कालजयी रचनाओं ने दर्शकों के मन में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति जगाई। प्रत्येक प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट और स्टैंडिंग ओवेशन ने इस संगीतमय यात्रा को और भी यादगार बना दिया।

पिंपरी-चिंचवड़, इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, बेंगलुरु, अमरावती और नागपुर में मिली शानदार सफलता के बाद मुंबई का यह आयोजन ‘अभंगवारी’ की यात्रा का एक और स्वर्णिम अध्याय बन गया। इस प्रस्तुति ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि राहुल देशपांडे अपनी संगीत साधना के माध्यम से न केवल पीढ़ियों को जोड़ रहे हैं, बल्कि महाराष्ट्र की समृद्ध संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंचा रहे हैं।

देशभर के विभिन्न शहरों में ‘अभंगवारी’ की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। भक्ति, एकता, करुणा और श्रद्धा का संदेश लेकर यह संगीतमय प्रस्तुति हर शहर में लोगों के हृदय को स्पर्श कर रही है और यह सिद्ध कर रही है कि संगीत की शक्ति समय, पीढ़ियों और सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक होती है।

 

राहुल देशपांडे की ‘अभंगवारी’ ने शन्मुखानंद हॉल को भक्तिरस से सराबोर किया

RAJESHH DATTATRYA BHUJLE The Art Of Being Unforgettable Some Men Follow Trends. Some Men Create Them...

Rajeshh Dattatrya Bhujle belongs to that rare category of personalities who cannot be confined to a single identity. Actor. Director. Author. Voice mentor. Collector. Connoisseur. Visionary. And above all—a man with presence.

There is an unmistakable theatre to Rajeshh Bhujle. He does not simply enter a room; he changes its energy. His world exists somewhere between the cinematic grandeur of Bollywood, the quiet luxury of timeless objects and the magnetic confidence of a man who has spent a lifetime understanding the power of expression.

On screen, his versatility has found memorable expression in films such as Yeda and Wo Pehli Baar Raja. His portrayal of Mahira Sharma’s father in the global musical phenomenon Barish further established his ability to bring warmth, authority and emotional depth to the screen—a song that has reached an extraordinary audience of more than 25 crore hearts worldwide.

Yet his most fascinating role may be the one behind the scenes.

Rajeshh is a craftsman of sound and expression, known for refining diction and dialogue delivery for celebrated performers including Govinda, Rajpal Yadav and Pankaj Tripathi. As a director, he has also collaborated with the dazzling Varsha Usgaonkar, bringing together performance, imagination and cinematic instinct.

His voice carries equal power beyond the film world. In Dubai, at the 2023 Garima Show, he addressed more than 1,000 women entrepreneurs, delivering a motivational performance that transformed a speech into an experience. His fearless words at the Anti-Corruption Bureau earned him recognition from Additional Commissioner of Police Shri Vijay Patil.

Then there is the author—the mind behind I Can Make You Rich, a provocative exploration of ambition, wealth and the psychology of success.

And finally, there is the collector.

The watches. The cameos. The lighters. The brooches. The details that reveal a man’s eye for history and design.

His fragrance universe is equally distinctive. Rajj Kasturi and Shamama Special are limited-edition Indian perfumes born from a passion for rarity, sensuality and heritage. Rajj Kasturi, a purely handmade Indian musk fragrance, evokes the legendary world of Maharajas, Maharani and the timeless art of attraction.

This is the Rajeshh Bhujle signature: never ordinary, never predictable, always memorable.

Actor. Director. Author. Voice of Icons. Collector. Connoisseur.

Rajeshh Dattatrya Bhujle is not merely a personality. He is a point of view.

And in a world obsessed with being seen, the rarest luxury is to be unforgettable.

For appearances, events and collaborations:

8169949504 | Itsmyenglish@gmail.com

https://www.youtube.com/shorts/SjHfk7BX1ok

 

RAJESHH DATTATRYA BHUJLE The Art Of Being Unforgettable Some Men Follow Trends. Some Men Create Them