nav-left cat-right
cat-right

Sanyukt Vikas Party Second Aniversary Function Celebrated at Valsad...

संयुक्त विकास पार्टी के द्वितीय स्थापना दिवस के कार्यक्रम श्री महा मंडलेश्वर बाबा (जूना अखाड़ा)के हांथो  दिप ज्वलन कर के बड़े ही धूमधाम से गुजरात के वलसाड जिला में मनाया गया।

इस अवसर पर संयुक्त विकास पार्टी (S.N.V.P)के राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय लीगल सेल ,गुजरात अध्यक्ष, वलसाड जिला अध्यक्ष एवं तमाम प्रदेश के राष्ट्रीय कार्य करता उपस्थित हुए।मुख्य अतिथि के रूप में श्री आर के सिंह जी एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के साथ ध्वजा रोहण किया गया, साथ ही साथ बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी अखिलेश सिंह उपस्थित थे।   ———-Akhlesh Singh(PRO)

Bhojpuri Film Awara Balam First Look Released With New Film Announcement...

भोजपुरी फ़िल्म “आवारा बलम ” का फर्स्ट लुक जारी, साथ ही नई फिल्म का ऐलान।

पी .एन.जे. फिल्म्स  के बैैैनर तले, निर्माता निशिकांत झा और चंदन उपाध्याय के निर्देशन में बनाई गई भोजपुरी फ़िल्म “आवारा बलम” का फर्स्ट लुक मंगलवार २३ जनवरी २०१८ को, पी एन जी फ़िल्म्स, शिव शक्ति सोसाइटी, फ्लैट १२७, पहला महला, इंदिरा नगर, जे पी रोड, डी एन नगर मेट्रो स्टेशन के पास अंधेरी में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर फ़िल्म के निर्माता निशिकांत झा, लेखक निर्देशक चंदन उपाध्याय, फ़िल्म के सारे कलाकार, व तकनीकी पक्ष  मौजूद थे।इस शुभ अवसर पर एक और  फ़िल्म “कल्लु की दुल्हनिया” का  घोषणा किया गया। पहली वार भोजपुरी में सात  राज्यों की सात दुल्हन की तलाश की जाएगी, फ़िल्म हास्य एवं मनोरंजन से सराबोर होगी।

निष्पाप प्रेम कहानी और एक नयी ताजगी भरी आवोहवा से भरपूर फ़िल्म “आवारा बलम” जल्द रिलीज़ होगी।

फ़िल्म “आवारा बलम” के कथा-पटकथा चंदन उपाध्याय की ही है जबकि संवाद राजेश पांडे के हैं। गीत प्यारेलाल यादव (कवि जी), श्याम देहाती, आज़ाद सिंह व सुमीत सिंह चंद्रवंशी के तथा संंगीत अविनाश झा घुंघरू का है। एक्शन हीरा यादव का तो नृत्य निर्देशन कानू मुखर्जी और सिनेमेटोग्राफी डी. के. शर्मा है ।  “आवारा बलम” के मुख्य कलाकार हैं — अरविंद अकेला  “कल्लू”, तनुश्री, प्रियंका पंडित, अवधेश मिश्रा, हीरा  यादव, देव सिंह, पप्पू यादव, समर्थ चतुर्वेदी, मातृ, धामा वर्मा, अनूप अरोड़ाा, जस्सी, एस. सी. मिश्रा, संंजीव मिश्र, महेश आचार्य, शकीला माजिद, शिवांगी शाही आदि। तो अब कल्र्लू की कलाकारी, तनुुश्री की अदाकारी और प्रियंका के जलवे देखने के लिए थोड़ा इंतजार कीजिए। जबकी फ़िल्म की प्रचार -प्रसार पब्लिश मीडिया टीम(अखिलेश सिंह )हैं।  ——–Akhlesh Singh (PRO)

Simarpreet (Pooja) A Skilful Journey From Beauty Contestant To Singer...

बीयूटिकंटेस्ट से गायिका बनी सिमरप्रित(पूजा)

हरीद्वार उत्तराखंड की सिमरप्रीत(पूजा) जिनका एक सौंदर्य विशेषज्ञ और ब्यूटीकंटेंट्स के रुप म पहचान है, अब एक गायिका के रूप में अवतरित हो रही हैं, ‘फिलिंग म्यूजिक कंपनी’ की प्रस्तुति व निर्माता मोहम्मद हसीब की रोमांटिक एल्बम “जबसे मिली नज़र” से अपना नया कैरियर गायिका के तौर पर सिमरप्रीत(पूजा) शुरू कर रही हैं।

इस एल्बम की शूटिंग कई खुबशुरत वादियों में कई जाएगी, वैसे तो हरिद्वार में सिमरप्रीत(पूजा) का अपना ब्यूटी क्लिनिक एवं क्लासेस हैं, जहाँ वे लोगो को सौंदर्य एवं सुंदरता को निखारने के तरीका सिखाती है, साथ ही कई सौंदर्य प्रतियोगिताओं में जज की भूमिका निभा चुकी हैं, व अभी भी कर रही हैं, और अब अपनी इस गायकी को लेकर काफी उत्साहित हैं, उनके इस नए अवतार पर बधाई।  ——-Akhlesh Singh (PRO)

DIRECTOR SHYAMAL K MISHRA EXCLUSIVE INTERVIEW BY PUBLISH MEDIA...

कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) से एक नौजवान मुंबई आता है कि यहां कुछ किया जाये। इस कुछ में मायानगरी का इंद्रधनुषी फिल्मोद्योग शामिल न था। श्यामल  के. मिश्रा इस चकाचौंध से अलग ही रखना चाहते थे। पर, होना तो कुछ और था। विपुल शाह की फिल्म  “आँँखें” में निर्देशक को एक  सहायक की आवश्यकता थी। बहाल हो गए श्यामल। ना ना करते यह प्यार इतना प्रगाढ़ होता गया कि हँसते हँसाते दस वर्ष कब निकल गये, पता ही नहीं चला। इसके बाद श्यामल का मन अपने मन की करने को बेचैैन रहने लगा।

फिल्मों का जुगाड़ तो नहीं जमा, लेकिन, टेलीविजन पर व्यस्त हो गए श्यामल के. मिश्रा। दूरदर्शन के लिए  “संकट मोचन हनुमान” धारावाहिक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में किया। फिर आस्था हेतु  “जय जय जय बजरंगबली” की भी कमान संभाली। किंतु, चस्का फिल्मों का लग चुका था, सो, मन रमा नहीं। वह  पुनः फिल्मों में वापस हो चले। पहली फिल्म बनायी  “रेेशम डंक”। फिल्म सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही प्रदर्शित हो पायी। पर, सराही गयी। श्यामल हार मानने वाले नहीं थे। आज अपनी दूसरी फिल्म  “क्रिना”  को लेकर चर्चा में हैं।

◆  क्या है और कैसी है फिल्म “क्रिना” ?

  • “क्रिना” कबायली क्षेत्रों की कहानी है। एक क्षेत्र का सरदार आतातायी है, जो लोगों की ज़िंदगी नर्क बनाए हुए है। क्रिना निर्वासित जीवन जी रहा एक किशोर है। घटनाक्रम कुछ ऐसा चक्कर खाता है कि वह अपने कबीले में वापस आता है। अपने क्षेत्र की दुर्दशा, लोगोंं का नारकीय जीवन  देख कर वह द्रवित हो उठता है। फिर पता चलता है कि उसके माता पिता जीवित हैं और कबीले के कमीने सरदार की क़ैैैद में हैं।

◆  फिर क्रिना में सुपर पावर आ जाता है और वह क्रिना से क्रिश बन जाता है ?

  • (हँसते हुए) सही कहा आपने ! तो कुछ विशिष्ट होता है। किन्तु, क्रिश जैसा नहीं है ! क्रिना माता का भक्त है। वह मां से शक्ति मांगता है, उसकी प्रार्थना स्वीकार होती है और अजेय योद्धा की नाईं टूट पड़ता है।

◆   क्रिना की भूमिका किसने निभाई है ?

  • पार्थ सिंह चौहान नाम है उस युवक का। नया होते हुए भी उसने बड़ा ही सुलझा और सधा हुआ काम किया है। मुझे  खुशी इस बात की है कि उसने मेरे हर निर्देश/इशारे को बड़ी  बारीकी से सीखा/समझा और क्रिना को जीवंत कर दिया।

◆  और कौन कौन कलाकार किस रूप में दिखाई देंगे ?

◆   सुदेश बेरी और शाहबाज खान दो अलग अलग कबीले के सरदार हैं। सुदेश जहाँ सहृदय हैं और क्रिना को आश्रय देते हैं ; वहीं शाहबाज आतातायी हैं। सुधा चंद्रन वह पहली स्त्री हैं जो विरोध का स्वर बुलंद करती हैं लेकिन, मारी जाती हैं। दीपशिखा और  इंदर कुमार हैं क्रिना के माता पिता और शाहबाज खान की कै़द में हैं। तुनिषा शर्मा वह लड़की है, जो क्रिना की मदद करती है। वह सुदेश बेरी की बेटी है और क्रिना से प्रेम भी करने लगी है। उधर मन बग्गा नकारात्मक भूमिका में शाहबाज के दायां हाथ हैं।

◆  किन किन कलाकारों ने आपको बेहतर सहयोग किया ?

  • सभी अच्छे थे, अच्छा सहयोग किया।लेकिन,इंदर कुमार ने बहुत सहयोग किया। हमेशा मित्रवत व्यवहार किया। दुर्भाग्यवश वह अब नहीं रहे। हमने एकअच्छा अभिनेता, एक प्यारा इंसान खो दिया।

◆  एक्शन वाली फिल्म है, संगीत की क्या स्थिति है ?

  • दिलीप सेन ने लंबे अर्से बाद संगीत दिया है और बड़ा ही अच्छा कर्णप्रिय धुनें बनाई है। फिल्म एक्शन वाली है और भरपूर एक्शन है। आर. पी. यादव का एक्शन शानदार है। लेकिन, संंगीत का योगदान बेहतर है।

◆  निर्माता के साथ कैसे संबंध रहे ?

  • मैं हरविंद सिंह चौहान को कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ कि उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। मुझ पर भरोसा जताया। सज्जन पुरुष हैं और भाई की तरह सहयोग, सलाह करते रहे, हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई।

◆  कैसी फिल्में बनाना आपको अच्छा लगता है ?

  • एक्शन फिल्में बनाने में मेरी रूचि अधिक है। एक्शन फिल्में एवरग्रीन होती हैं।

◆  आपके प्रिय निर्देशक कौन हैं ?

  • रोहित शेट्टी। मैं उनका जबरदस्त फैन हूँ।

◆  इसलिए कि वह एक्शन फिल्में बनाते हैं ?

  • नहीं। वह तो मल्टी टैलेंटेड डायरेक्टर हैं। जितनी अच्छी उनकी एक्शन फिल्में होती हैं, उतनी ही कॉमेडी भी। मैं उनकी मेकिंग, स्टोरी टेलिंग और नैरेशन का कायल हूँ।

———–Publish Media (Akhilesh Singh PRO)

Director Shamal K Mishra Exclusive Interview by Publish Media...

निर्देशक श्यामल के. मिश्रा।

कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) से एक नौजवान मुंबई आता है कि यहां कुछ किया जाये। इस कुछ में मायानगरी का इंद्रधनुषी फिल्मोद्योग शामिल न था। श्यामल  के. मिश्रा इस चकाचौंध से अलग ही रखना चाहते थे। पर, होना तो कुछ और था। विपुल शाह की फिल्म  “आँँखें” में निर्देशक को एक  सहायक की आवश्यकता थी। बहाल हो गए श्यामल। ना ना करते यह प्यार इतना प्रगाढ़ होता गया कि हँसते हँसाते दस वर्ष कब निकल गये, पता ही नहीं चला। इसके बाद श्यामल का मन अपने मन की करने को बेचैैन रहने लगा।

फिल्मों का जुगाड़ तो नहीं जमा, लेकिन, टेलीविजन पर व्यस्त हो गए श्यामल के. मिश्रा। दूरदर्शन के लिए  “संकट मोचन हनुमान” धारावाहिक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में किया। फिर आस्था हेतु  “जय जय जय बजरंगबली” की भी कमान संभाली। किंतु, चस्का फिल्मों का लग चुका था, सो, मन रमा नहीं। वह  पुनः फिल्मों में वापस हो चले। पहली फिल्म बनायी  “रेेशम डंक”। फिल्म सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही प्रदर्शित हो पायी। पर, सराही गयी। श्यामल हार मानने वाले नहीं थे। आज अपनी दूसरी फिल्म  “क्रिना”  को लेकर चर्चा में हैं।

◆  क्या है और कैसी है फिल्म “क्रिना” ?

  • “क्रिना” कबायली क्षेत्रों की कहानी है। एक क्षेत्र का सरदार आतातायी है, जो लोगों की ज़िंदगी नर्क बनाए हुए है। क्रिना निर्वासित जीवन जी रहा एक किशोर है। घटनाक्रम कुछ ऐसा चक्कर खाता है कि वह अपने कबीले में वापस आता है। अपने क्षेत्र की दुर्दशा, लोगोंं का नारकीय जीवन  देख कर वह द्रवित हो उठता है। फिर पता चलता है कि उसके माता पिता जीवित हैं और कबीले के कमीने सरदार की क़ैैैद में हैं।

◆  फिर क्रिना में सुपर पावर आ जाता है और वह क्रिना से क्रिश बन जाता है ?

  • (हँसते हुए) सही कहा आपने ! तो कुछ विशिष्ट होता है। किन्तु, क्रिश जैसा नहीं है ! क्रिना माता का भक्त है। वह मां से शक्ति मांगता है, उसकी प्रार्थना स्वीकार होती है और अजेय योद्धा की नाईं टूट पड़ता है।

◆   क्रिना की भूमिका किसने निभाई है ?

  •  पार्थ सिंह चौहान नाम है उस युवक का। नया होते हुए भी उसने बड़ा ही सुलझा और सधा हुआ काम किया है। मुझे  खुशी इस बात की है कि उसने मेरे हर निर्देश/इशारे को बड़ी  बारीकी से सीखा/समझा और क्रिना को जीवंत कर दिया।

◆  और कौन कौन कलाकार किस रूप में दिखाई देंगे ?

◆   सुदेश बेरी और शाहबाज खान दो अलग अलग कबीले के सरदार हैं। सुदेश जहाँ सहृदय हैं और क्रिना को आश्रय देते हैं ; वहीं शाहबाज आतातायी हैं। सुधा चंद्रन वह पहली स्त्री हैं जो विरोध का स्वर बुलंद करती हैं लेकिन, मारी जाती हैं। दीपशिखा और  इंदर कुमार हैं क्रिना के माता पिता और शाहबाज खान की कै़द में हैं। तुनिषा शर्मा वह लड़की है, जो क्रिना की मदद करती है। वह सुदेश बेरी की बेटी है और क्रिना से प्रेम भी करने लगी है। उधर मन बग्गा नकारात्मक भूमिका में शाहबाज के दायां हाथ हैं।

◆  किन किन कलाकारों ने आपको बेहतर सहयोग किया ?

  • सभी अच्छे थे, अच्छा सहयोग किया।लेकिन,इंदर कुमार ने बहुत सहयोग किया। हमेशा मित्रवत व्यवहार किया। दुर्भाग्यवश वह अब नहीं रहे। हमने एकअच्छा अभिनेता, एक प्यारा इंसान खो दिया।

◆  एक्शन वाली फिल्म है, संगीत की क्या स्थिति है ?

  • दिलीप सेन ने लंबे अर्से बाद संगीत दिया है और बड़ा ही अच्छा कर्णप्रिय धुनें बनाई है। फिल्म एक्शन वाली है और भरपूर एक्शन है। आर. पी. यादव का एक्शन शानदार है। लेकिन, संंगीत का योगदान बेहतर है।

◆  निर्माता के साथ कैसे संबंध रहे ?

  • मैं हरविंद सिंह चौहान को कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ कि उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। मुझ पर भरोसा जताया। सज्जन पुरुष हैं और भाई की तरह सहयोग, सलाह करते रहे, हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई।

◆  कैसी फिल्में बनाना आपको अच्छा लगता है ?

  • एक्शन फिल्में बनाने में मेरी रूचि अधिक है। एक्शन फिल्में एवरग्रीन होती हैं।

◆  आपके प्रिय निर्देशक कौन हैं ?

  • रोहित शेट्टी। मैं उनका जबरदस्त फैन हूँ।

◆  इसलिए कि वह एक्शन फिल्में बनाते हैं ?

  • नहीं। वह तो मल्टी टैलेंटेड डायरेक्टर हैं। जितनी अच्छी उनकी एक्शन फिल्में होती हैं, उतनी ही कॉमेडी भी। मैं उनकी मेकिंग, स्टोरी टेलिंग और नैरेशन का कायल हूँ।

———–Publish Media (Akhilesh Singh PRO)

 

Movie “Kabaddi” Music Hitting the Charts

The music of “Kabaddi” is already catching attention of the music lovers and have already proven to be chartbusters of 2018. The appreciations are already queuing up and motivating the team to eye for a grand release.

Kabaddi is a movie depicting the success story of an Indian girl, released under the banner of Vidya Films Pvt Ltd. Women many a times fail to showcase their talent because of our orthodox society, but sometimes girls are able to participate actively in sports and get successful. This movie beautifully portrays how a girl fights with all the odds of the society for her dreams and passion. Internationally acclaimed music director Praveen Bharadwaj, who has given music to lot of Hollywood and Bollywood movies, is the music director of the movie. Hari Om Sharma is the lyrics writer and producer of the movie and it’s made under the direction of S P Nibawat. The music was released in the pink city ” Jaipur” by the prestigious SRK music.

Star cast: Diana Khan, Avinash Raheja, Aadil Sharma, Urmila Sharma, Jetan Mukhi, Raza Murad, Ishrat, Radha Kohinoor, Shravani Goswami

—Akhlesh Singh (PRO)