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राहुल देशपांडे की ‘अभंगवारी’ ने शन्मुखानंद हॉल को भक्तिरस से सराबोर किया...

मुंबई: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायक राहुल देशपांडे ने शनिवार को मुंबई के प्रतिष्ठित शन्मुखानंद हॉल में अपने बहुचर्चित संगीतमय प्रस्तुति ‘अभंगवारी’ के माध्यम से भक्ति, संगीत और अध्यात्म का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। खचाखच भरे सभागार में हजारों संगीतप्रेमी और श्रद्धालु संतों की अमर वाणी में डूब गए।

राहुल देशपांडे की भावपूर्ण गायकी ने शन्मुखानंद हॉल को मानो पंढरपुर की वारी में बदल दिया। हर अभंग श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत था, जिसने पूरे सभागार को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संत परंपरा के अमर संदेशों से सजी इस संगीतमय संध्या ने उपस्थित सभी लोगों को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया।

कार्यक्रम में राहुल देशपांडे की माता वंदना देशपांडे, महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य श्रीकांत भारतीय, लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले, उद्योगपति सदानंद सुले तथा ओरिएंटल अरोमैटिक्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग साटोस्कर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी ‘अभंगवारी’ आज देश के सबसे प्रतिष्ठित भक्तिमय संगीत आयोजनों में शुमार हो चुकी है। राहुल देशपांडे की प्रभावशाली प्रस्तुति, संत साहित्य पर आधारित भावपूर्ण कथावाचन, उनकी बहन दीप्ती माटे की सुरमयी प्रस्तुति और उत्कृष्ट वादकों की संगत ने पंढरपुर वारी की दिव्य अनुभूति को मंच पर साकार कर दिया।

करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार “राम कृष्ण हरी” के जयघोष से गूंजता रहा। संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव, संत एकनाथ और अन्य संत कवियों की कालजयी रचनाओं ने दर्शकों के मन में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति जगाई। प्रत्येक प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट और स्टैंडिंग ओवेशन ने इस संगीतमय यात्रा को और भी यादगार बना दिया।

पिंपरी-चिंचवड़, इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, बेंगलुरु, अमरावती और नागपुर में मिली शानदार सफलता के बाद मुंबई का यह आयोजन ‘अभंगवारी’ की यात्रा का एक और स्वर्णिम अध्याय बन गया। इस प्रस्तुति ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि राहुल देशपांडे अपनी संगीत साधना के माध्यम से न केवल पीढ़ियों को जोड़ रहे हैं, बल्कि महाराष्ट्र की समृद्ध संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंचा रहे हैं।

देशभर के विभिन्न शहरों में ‘अभंगवारी’ की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। भक्ति, एकता, करुणा और श्रद्धा का संदेश लेकर यह संगीतमय प्रस्तुति हर शहर में लोगों के हृदय को स्पर्श कर रही है और यह सिद्ध कर रही है कि संगीत की शक्ति समय, पीढ़ियों और सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक होती है।

 

राहुल देशपांडे की ‘अभंगवारी’ ने शन्मुखानंद हॉल को भक्तिरस से सराबोर किया

RAJESHH DATTATRYA BHUJLE The Art Of Being Unforgettable Some Men Follow Trends. Some Men Create Them...

Rajeshh Dattatrya Bhujle belongs to that rare category of personalities who cannot be confined to a single identity. Actor. Director. Author. Voice mentor. Collector. Connoisseur. Visionary. And above all—a man with presence.

There is an unmistakable theatre to Rajeshh Bhujle. He does not simply enter a room; he changes its energy. His world exists somewhere between the cinematic grandeur of Bollywood, the quiet luxury of timeless objects and the magnetic confidence of a man who has spent a lifetime understanding the power of expression.

On screen, his versatility has found memorable expression in films such as Yeda and Wo Pehli Baar Raja. His portrayal of Mahira Sharma’s father in the global musical phenomenon Barish further established his ability to bring warmth, authority and emotional depth to the screen—a song that has reached an extraordinary audience of more than 25 crore hearts worldwide.

Yet his most fascinating role may be the one behind the scenes.

Rajeshh is a craftsman of sound and expression, known for refining diction and dialogue delivery for celebrated performers including Govinda, Rajpal Yadav and Pankaj Tripathi. As a director, he has also collaborated with the dazzling Varsha Usgaonkar, bringing together performance, imagination and cinematic instinct.

His voice carries equal power beyond the film world. In Dubai, at the 2023 Garima Show, he addressed more than 1,000 women entrepreneurs, delivering a motivational performance that transformed a speech into an experience. His fearless words at the Anti-Corruption Bureau earned him recognition from Additional Commissioner of Police Shri Vijay Patil.

Then there is the author—the mind behind I Can Make You Rich, a provocative exploration of ambition, wealth and the psychology of success.

And finally, there is the collector.

The watches. The cameos. The lighters. The brooches. The details that reveal a man’s eye for history and design.

His fragrance universe is equally distinctive. Rajj Kasturi and Shamama Special are limited-edition Indian perfumes born from a passion for rarity, sensuality and heritage. Rajj Kasturi, a purely handmade Indian musk fragrance, evokes the legendary world of Maharajas, Maharani and the timeless art of attraction.

This is the Rajeshh Bhujle signature: never ordinary, never predictable, always memorable.

Actor. Director. Author. Voice of Icons. Collector. Connoisseur.

Rajeshh Dattatrya Bhujle is not merely a personality. He is a point of view.

And in a world obsessed with being seen, the rarest luxury is to be unforgettable.

For appearances, events and collaborations:

8169949504 | Itsmyenglish@gmail.com

https://www.youtube.com/shorts/SjHfk7BX1ok

 

RAJESHH DATTATRYA BHUJLE The Art Of Being Unforgettable Some Men Follow Trends. Some Men Create Them

সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য...

ভারতের সর্বশ্রেষ্ঠ সন্তান, আজাদ হিন্দ ফৌজের প্রতিষ্ঠাতা এবং অদম্য সাহস ও আপসহীন দেশপ্রেমের প্রতীক নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসুর ১২৯তম জন্মবার্ষিকীর পবিত্র ও গর্বের মুহূর্তে—২৩শে জানুয়ারি, ২০২৬—একটি ঐতিহাসিক ঘোষণা করলেন প্রখ্যাত  প্রযোজক মান সিং দীপ। গভীর দেশপ্রেম ও আবেগের সঙ্গে তিনি আনুষ্ঠানিকভাবে ঘোষণা করেন তাঁর বহু প্রতীক্ষিত ঐতিহাসিক চলচ্চিত্র “দ্য আনটোল্ড ট্রুথ অফ সুভাষ চন্দ্র বোস” নির্মাণের কথা।

এই চলচ্চিত্রটি কেবল একটি সিনেমাটিক উপস্থাপনা নয়; এটি কয়েক দশক ধরে ইচ্ছাকৃতভাবে আড়াল করে রাখা ইতিহাসের পৃষ্ঠাগুলি উন্মোচনের এক সাহসী ও চিন্তাজাগানিয়া প্রয়াস। বিস্তৃত গবেষণা, আন্তর্জাতিক নথিপত্র এবং নির্ভরযোগ্য ঐতিহাসিক প্রমাণের উপর ভিত্তি করে নির্মিত এই ছবি এমন কিছু তথ্য সামনে আনার প্রতিশ্রুতি দেয়, যা শুধু ভারতের স্বাধীনতা সংগ্রামের ইতিহাস নয়, বরং বর্তমান বিশ্ব ভূ-রাজনীতির ভিত্তিকেও নতুন করে ভাবতে বাধ্য করবে।

মান সিং দীপের উপস্থাপনায় নির্মিত এই উচ্চাকাঙ্ক্ষী প্রকল্পটির প্রযোজনা করছেন কল্যাণী সিং ও বেদান্ত সিং, এবং পরিচালনার দায়িত্বে রয়েছেন বিশিষ্ট চলচ্চিত্র নির্মাতা অশোক ত্যাগী। প্রযোজক ও পরিচালকের সুদৃঢ় দৃষ্টিভঙ্গি ও সৃজনশীল সাহসের মাধ্যমে ছবিটি প্রচলিত ও প্রতিষ্ঠিত ঐতিহাসিক আখ্যানকে চ্যালেঞ্জ জানাবে। এই চলচ্চিত্রের মূল বক্তব্য হলো—নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসু কেবল অহিংসার তাত্ত্বিক আলোচনার বাইরে গিয়ে, ভারতের স্বাধীনতা অর্জনে বাস্তব, সক্রিয় এবং নির্ণায়ক ভূমিকা পালন করেছিলেন।

ছবিটিতে আরও গভীরভাবে তুলে ধরা হবে, কীভাবে দ্বিতীয় বিশ্বযুদ্ধ-পরবর্তী বিজয়ী শক্তিগুলির ক্ষমতার রাজনীতি নেতাজির আদর্শ ও দৃষ্টিভঙ্গিকে ভয় পেয়েছিল। সেই ভয়েরই ফলশ্রুতিতে কীভাবে একটি সুপরিকল্পিত আন্তর্জাতিক ষড়যন্ত্রের মাধ্যমে তাঁকে নির্মমভাবে হত্যা করা হয়—যার সত্য আজও রহস্য, বিভ্রান্তি ও তথাকথিত দুর্ঘটনার আড়ালে ঢাকা পড়ে রয়েছে—তা এই চলচ্চিত্রে অনুসন্ধান করা হবে।

“সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য” দর্শকদের সামনে ইতিহাসকে দেখার এক নতুন জানালা খুলে দেবে। এটি কেবল অতীতের ঘটনাবলির পুনরুল্লেখ নয়, বরং জাতীয়তাবাদ, আত্মত্যাগ এবং প্রকৃত স্বাধীনতার অর্থ নিয়ে নতুন করে চিন্তা করার আহ্বান। নেতাজির আদর্শ, সংগ্রাম ও ত্যাগকে ভবিষ্যৎ প্রজন্মের কাছে নতুন চেতনা ও গভীর উপলব্ধির সঙ্গে উপস্থাপন করার জন্য এই চলচ্চিত্র একটি শক্তিশালী ও সময়োপযোগী মাধ্যম হয়ে উঠবে—এমনটাই প্রত্যাশা।

সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য

Roshni Bano Is Quietly Pulling 44 Million Views And Instagram Can’t Explain It...

You don’t notice her until she’s right there in front of you. There’s no loud entrance, no flashy gimmick, and certainly no over-the-top narrative. Yet, somehow, millions of people find themselves pausing their scrolls. That’s the magic of Roshni Bano on Instagram.

One of her reels racked up an astonishing 23 million views. Another one breezed past 17 million. And then there’s that one that effortlessly soared to 44 million, leaving viewers glued to their screens, pondering how something so straightforward could capture such a massive audience.

What’s truly fascinating about her rise is how unintentional it seems. In a sea of trends, scripted content, and larger-than-life personalities, Roshni’s style feels almost serene. Her calm demeanor, minimal gestures, and an aura that seems unfazed by the algorithm — even as it clearly works in her favor.

She doesn’t feel the need to justify herself. She doesn’t put on a show. She simply exists on camera — and somehow, that’s more than enough. There’s a gentle paradox in her charm. She feels both relatable and distant at the same time.

Her blend of classic elegance and modern confidence creates a visual rhythm that’s hard to look away from. Viewers don’t just watch her — they hit replay.

That’s why the comments section is a mix of confusion and admiration. People aren’t just showering her with compliments; they’re trying to figure out why they can’t look away. Why they keep coming back. Why she sticks in their minds.

Roshni Bano isn’t going viral because she’s loud. She’s going viral because she’s one of a kind. In a digital landscape that’s all about doing more, she’s a testament to the idea that sometimes, doing less can resonate even deeper.

 

Roshni Bano Is Quietly Pulling 44 Million Views And Instagram Can’t Explain It

श्रीमती सुजाता रविकांत शिंदे, एक मज़बूत समाज सेविका और जन नेता वार्ड नंबर 18 (B) शिवसेना (UBT) MBMC चुनाव 2026 की उम्मीदवार...

मीरा–भायंदर: समाज तभी मजबूत होता है जब नेतृत्व संवेदनशील, कर्मठ और जनहित के प्रति समर्पित हो। ऐसी ही एक सशक्त पहचान हैं सौ. सुजाता रविकांत शिंदे, जिन्होंने मीरा–भायंदर क्षेत्र में समाजसेवा को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए उसे ज़मीनी स्तर पर साकार किया है। वह मीरा भाईंदर नगर पालिका में नगर सेविका और महिला बाल विकास समिति की सभापति पद का कार्यभार सम्हाल रही हैं। मीरा–भायंदर महानगरपालिका के  चुनाव वर्ष 2026 के अंतर्गत दिनांक 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को मतदान संपन्न होने जा रहा है। इसी क्रम में प्रभार क्रमांक 18 ( ब ) से शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के अधिकृत उम्मीदवार के रूप में वह मैदान में उतर रहीं हैं। पार्टी की ओर से ऐसे प्रत्याशियों को मौका दिया गया है जो सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं। शिवसेना का चुनाव चिन्ह ‘मशाल’ है।

पिछले कई वर्षों से सौ. सुजाता रविकांत शिंदे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, जलसमस्या, सड़क व यातायात, नशामुक्ति जैसे जनहित के अहम मुद्दों पर निरंतर कार्य करती आ रही हैं। गरीब व जरूरतमंद नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उन्होंने अनेक जनजागरण शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए।

जल, सड़क और नागरिक समस्याओं पर मुखर आवाज-

शहर में जल संकट, अवैध जल कनेक्शन, अतिरिक्त जल शुल्क, सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था जैसे मुद्दों पर सुजाता शिंदे ने प्रशासन के समक्ष मजबूती से आवाज उठाई। कई बार आंदोलन और ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने नागरिकों को न्याय दिलाने का प्रयास किया।

उनका स्पष्ट मानना है कि “नागरिक सुविधाएँ कोई उपकार नहीं, बल्कि जनता का अधिकार हैं।”

महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा-

महिला एवं बालकल्याण के क्षेत्र में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के उनके प्रयासों की व्यापक सराहना हुई है। युवाओं को नशामुक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने के लिए भी वे लगातार सक्रिय रही हैं।

जनता का विश्वास, सेवा ही पहचान-

सौ. सुजाता रविकांत शिंदे का राजनीतिक सफर जनता के विश्वास और समर्थन से मजबूत हुआ है। वे स्वयं को जनप्रतिनिधि से पहले जनसेवक मानती हैं। उनकी कार्यशैली पारदर्शी, संवेदनशील और परिणामोन्मुख रही है।

आज जब क्षेत्र को एक ईमानदार, जुझारू और अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है, तब सौ. सुजाता रविकांत शिंदे जनता की उम्मीदों पर खरी उतरती नज़र आती हैं। क्षेत्र के समग्र विकास, मजबूत प्रशासन और जनहित की निरंतर लड़ाई के लिए सौ. सुजाता रविकांत शिंदे को अपना समर्थन दें, उन्हें वोट दें। क्योंकि सेवा, समर्पण और संघर्ष ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

चुनाव प्रचार जोरों-शोरों से चल रहा है, और चुनाव प्रचार के दौरान जनसंपर्क अभियान तेज हो गया है तथा नागरिकों से शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के मशाल चुनाव चिन्ह के पक्ष में मतदान करने की अपील की जा रही है।

मतदान 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा

श्रीमती सुजाता रविकांत शिंदे, एक मज़बूत समाज सेविका और जन नेता वार्ड नंबर 18 (B) शिवसेना (UBT) Mbmc चुनाव 2026 की उम्मीदवार

मीरा–भाईंदर महानगरपालिका चुनाव 2026 प्रभाग 2 (क) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) – श्रीमती नूतन भरत सिंह ठाकुर सदैव जनसेवा और समाजसेवा कार्य करते रहती हैं।...

श्रीमती नूतन भरत सिंह ठाकुर सदैव जनसेवा और समाजसेवा कार्य करते रहती हैं। जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण को क्षेत्रवासियों ने खुले दिल से सराहा।

महिला को बीच वे काफी लोक प्रिय है और स्थानीय महिला उनके यहाँ अपनी समस्या का समाधान करने की हमेशा नूतन भरत सिंह ठाकुर पर भरोसा करती है

बीते वर्षों में लोकसहभाग से अनेक उत्कृष्ट कार्य कर क्षेत्र को एक नई दिशा दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उनके निरंतर प्रयासों ने उन्हें जनता के बीच एक भरोसेमंद और कर्मठ जननेत्री के रूप में स्थापित किया है।

जनता का समर्थन शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के साथ

चारों उम्मीदवारों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ईमानदारी से कार्य करना है। सड़क, पानी, सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर वे प्राथमिकता के आधार पर काम करने का दावा कर रहे हैं।

पार्टी नेताओं के अनुसार यह चुनाव व्यक्ति, परिश्रम और जनविश्वास का चुनाव है। चुनाव की तारीख नज़दीक आते ही वार्ड क्रमांक 2 में चुनाव प्रचार जोरों-शोरों से चल रहा है, और चुनाव प्रचार के दौरान जनसंपर्क अभियान तेज हो गया है तथा नागरिकों से शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के मशाल चुनाव चिन्ह के पक्ष में मतदान करने की अपील की जा रही है।

प्रभाग क्रमांक 2 (अ, ब, क, ड) से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के चार उम्मीदवार मैदान में

प्रभाग क्रमांक 2 के उम्मीदवार इस प्रकार हैं —

प्रभाग 2 (अ) : श्री राजेंद्र एकनाथ डाखवे

प्रभाग 2 (ब) : श्रीमती पूजा हेमराज शर्मा

प्रभाग 2 (क) : श्रीमती नूतन भरतसिंह ठाकूर

प्रभाग 2 (ड) : श्री हुकुम अग्रवाल

मीरा–भाईंदर महानगरपालिका के वर्ष 2026 के चुनाव के अंतर्गत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मतदान प्रक्रिया संपन्न होने जा रही है। स्थानीय विकास, जनसेवा और जिम्मेदार नेतृत्व की दृष्टि से यह चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार मतदाता पार्टी से अधिक उम्मीदवारों के कार्य, ईमानदारी और जनता से उनके सीधे जुड़ाव को प्राथमिकता देते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इसी पृष्ठभूमि में प्रभाग क्रमांक 2 (अ, ब, क और ड) से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अधिकृत उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैं। पार्टी ने ऐसे उम्मीदवारों को मौका दिया है जो सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का अधिकृत चुनाव चिन्ह ‘मशाल’ है।

मतदान 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा।

मीरा–भाईंदर महानगरपालिका चुनाव 2026 प्रभाग 2 (क) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) – श्रीमती नूतन भरत सिंह ठाकुर सदैव जनसेवा और समाजसेवा कार्य करते रहती हैं।