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Raja Sarfaraz An Indian Writer And Actor Of Rare Calibre...

Raja Sarfaraz Is an Indian Writer and Actor Hails Basically From Jammu and Kashmir District Doda Bhalessa.Raja Sarfaraz is a Columnist also who currently is A PHD Scholar in English literature as well. During Junior Engineering inspired he did Theater and so Made Acting his Carrier. His First Book Tears Of  Kashmir is a quest to Bring Peace and Brotherhood Back In Kashmir is Voice of Silent Mountains and Nature of Kashmir.

*Raja Sarfaraz is Well known For 92 Hours Webseries Negative Lead,

*Ye Meri Kahani Ha Damini ( Hindi Film Nased on Rape Case released in 2013)

* His Upcoming Movie is DUST,

* Upcoming Webseries are Lahore Dairies,  Mission 70, Cynanide Mohan, Scammy.

He has worked in Few Music Videos in Hindi ,Punjabi, Kashmiri, Arabic.

Following are links of ,Articles ,videos, Etc.

               

Webpage:

rajasarfaraz.com

Twitter 

mobile.twitter.com › rajasarfaraz786

Raja Sarfaraz Official (@RajaSarfaraz786) | Twitter

YouTube 

https://www.youtube.com/channel/UCQesdf2suc-5uIkq8JOoyVA

Book Tears of Kashmir 

https://www.flipkart.com/tears-of-kashmir/p/itmfa4uzsmevsxav

Ilaa Verma Aspiring Actress And Writer

Ilaa Verma as an actor done many shows like ‘Prithvi Vallabh’, ‘Crime Patrol’, ‘Crime Alert’, ‘Savdhan India’, exo bar advertisement, zee  music album and now she is moving a head and as a writer she is launching her 1st novel with notion publication.

Her novel is based on lgbt community and it’s a love story of two girl. While in an interview she said “love is a feeling, you never know with whom you fall in love” Why we are creating discrimination by using the term community and dividing the world into straight and lgbt community. It took 8 year of her life to wrote this beautiful love story of Jannat kapoor and Nia sharma. They are the lead character of the novel. Jannat is fearless flying bird of the sky and a stom with power who believe rules are made to be broken and Nia is soft spoken, caring and loving characters who belive one day she will be free from these rule and regulations. Nia is like a rain and author ilaa verma says every Strom remains in her rain and every rain wait for her Strom.

Ilaa verma support lgbt community and wants to decrease their struggle in the society. She also said that “jaha pai rule and regulations ki zarurat nh hai waha pai had sai zada rule and regulations hai aur jaha hone chahiyea waha pai kuch bhi nh hai… She also said that now a days our bollywood is showing lgbt story in a way that is based on lust but it’s about love not the lust and she also want to bring the change in the concepts through her story.

    

Her novel unusual is doing great and it’s having highest rating also. It is a must read book for everyone. Book also deals with social taboos and she believe one day world understand the true meaning of love. She also said how to love? Whom to love? Is a thing that need not to be decide by the society it’s need to be personal preferences.

People like ilaa verma is a gem who work and try to bring change.


Union Minister S Jaishankar Launches Veteran Journalist Prem Prakash’s Book Reporting India – My Seventy Year Journey As A Journalist At Kitaab Event...

केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर ने ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में अनुभवी पत्रकार प्रेम प्रकाश की पुस्तक “रिपोर्टिंग इंडिया: मेरे सात दशकों के अनुभव पर आधारित’’ का लोकार्पण किया

21 दिसंबर 2020, कोलकाता / नई दिल्ली:  केंद्र सरकार में विदेश मंत्री श्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने अनुभवी पत्रकार प्रेम प्रकाश द्वारा लिखी ”रिपोर्टिंग इंडिया: मेरे सात दशकों के अनुभव पर आधारित” पुस्तक का ऑनलाइन बुक लॉन्च कार्यक्रम किताब’ में इसका लोकार्पण किया। पेंगुइन इंडिया के सहयोग से कोलकाता के प्रभा खेतान फाउंडेशन (पीकेएफ) द्वारा इस ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। देशभर से प्रख्यात साहित्यकार, विद्वान, पुस्तक प्रेमी, छात्र और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार इस ऑनलाइन कार्यक्रम में में शामिल हुए थे।

लेखक प्रेम प्रकाश के साथ पैनलिस्ट शीला भट्ट और सुशांत सरीन की मौजूदगी में पीकेएफ की सुश्री आकृती पेरीवाल ने सत्र की शुरुआत की। एक घंटे से ज्यादा चलनेवाले इस ऑनलाइन कार्यक्रम का समापन  श्री वेंकट नारायण के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने प्रेम प्रकाश द्वारा सात दशकों के पत्रकारीय अनुभव पर आधारित इस पुस्तक पर कहा:  प्रेम प्रकाश की पुस्तक वास्तव में उनके जीवन की बड़ी उपलब्धि है। वह कुछ कभी ना भुलानेवाली घटनाओं के दौरान देश के लोगों की स्थिति एवं देश की छवि को इस पुस्तक के जरिये पेश करने की कोशिश की है। वह हमेशा वास्तविक स्थिति में रहकर अलग सोचते हैं। देश की विभिन्न घटनाओं का रिकॉर्डर हमेशा उनके मन में ताजा रहा है। उनकी पुस्तक एक व्यापक प्रवाह है जिसे आज की युवा पीढ़ी को उस अतीत के युग के वार्तालाप को अवश्य पढ़कर पहले के युग की जानकारी रखनी चाहिए।”

प्रेम प्रकाश, जिन्होंने 1971 में भारतीय समाचार एजेंसी एशियन न्यूज नेटवर्क (एएनआई) की स्थापना की। जो भारत और विदेशी मीडिया घरानों को सिंडिकेटेड मल्टी-मीडिया न्यूज़फ़ीड प्रदान करती है। उनका कहना है कि हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा अब बकवास लगता है। अतीत के दिनों में चीनियों के प्रति भारत की रणनीति एवं विचारों को एक तरह के रूमानियत के रूप में वर्णित किया जा सकता है। हमने तिब्बत के लिए अपना सबकुछ छोड़ दिया, जबकि चीनी अपनी संप्रभुता पर जोर देकर अब तिब्बत पर पूरी तरह से कब्जा करने की फिराक में लगे हैं।

लेखक, जो एक पत्रकार के रूप में पहली बार 1962 में हुए भारत- चीन सीमायुद्ध के दौरान भारतीय सेना की दयनीय स्थिति को देख चुके थे, उन्होंने अपनी हालिया पुस्तक में कहा है कि, नेहरू व्यक्तिगत रूप से इस पराजय के लिए जिम्मेदार थे, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल की शुरुआत में भारत के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को नजरंदाज किया था। नेहरू मानते थे कि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर युद्ध कभी नहीं हो सकता है, लेकिन चीन की तरफ से इसके विपरित युद्ध के तौर पर आक्रामक रूख देखा गया। भारत-चीन युद्ध के बाद 20 महीनों के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों को पुनर्जीवित करने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस कर मजबूत सेना के गठन का प्रयास शुरू किया गया।

प्रेम प्रकाश ने कहा कि, अफगानिस्तान पहले क्या हुआ करता था और उसका अभी भविष्य क्या है, अफगानिस्तान के अभी की स्थिति को याद करने से काफी दुख की अनुभूति होती है। कई मामलों में अफगानिस्तान कोल्ड वार का शिकार होने से पहले भारत से काफी आगे रहा करता था। लेकिन इस्लाम खतरे में है, का नारा अफगानिस्तान में इस्लामिक कट्टरवाद की स्थापना के लिए किया गया, और अब अफगानिस्तान को हमारी मदद की जरूरत है। भारत को एक बड़ा देश होने के कारण हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उनकी मदद करें। हमें यह पूछने का हक है कि, चाबहार बंदरगाह को कार्यात्मक बनाने में इतना समय क्यों लग रहा है? यह भारत के हित में है कि अफगानिस्तान को खुशहाल दिनों में वापस पहुंचाने के लिए कारगर कदम उठाया जाये। तालिबान के गलत सोच एवं फैसले ने अफगानिस्तान को प्रगति से काफी दूर वापस पाषाण युग के अंधेरे में धकेल दिया है।

आज की पत्रकारिता की गुणवत्ता पर श्री प्रकाश ने कहा, मौजूदा समय में कई बड़े संस्थान मार्केट में हैं। उन्हें अपने युवा पत्रकारों को अपने क्षेत्र में जाकर बहुत कुछ पढ़कर, तथ्यों के मुताबिक रिपोर्ट करने पर जोर देना चाहिए।

प्रेम प्रकाश उन कुछ गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जिन्होंने सात दशकों के अपने शानदार करियर में भारत के सभी प्रधानमंत्रियों से साक्षात्कार ले चुके हैं। उन्होंने अपने जीवन को खतरे में डालते हुए बांग्लादेश के अंदर से 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध की सूचना दी थी। वह कुछ ऐतिहासिक घटनाओं जैसे गोवा, भारत-चीन सीमा युद्ध, भारत-पाकिस्तान युद्ध, भोपाल गैस त्रासदी, कोलंबो में राजीव गांधी पर हमले और एक फोटोग्राफर, रिपोर्टर और कैमरामैन के रूप में पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के साथ विद्रोहियों को देखा है जिसका जिक्र उन्होंने अपनी पुस्तक में भी विस्तार से किया हैं।

हम अभी भी भारत के साथ पूरी दुनिया को पश्चिमी सभ्यता के संवाददाता की दृष्टिकोण से देखते हैं। मैं अबतक यह समझने में असफल रहा कि भारतीय मीडिया घराने, जो भारी मुनाफा कमाते हैं, विदेशों में अपने संवाददाताओं को नियुक्त करने में असफल क्यों रहते हैं, हमेशा वे वहां के संवाददाताओं पर आश्रित रहकर भारत में विदेशी दृष्टिकोण से उन देशों के समाचार प्रस्तुत करते हैं।

किताब’’ कार्यक्रम कोलकाता की सामाजिक संस्था प्रभा खेतान फाउंडेशन की एक पहल है, जो लेखकों के साथ बुद्धिजीवियों, पुस्तक प्रेमियों और साहित्यकारों को जोड़कर पुस्तक लॉन्च के लिए एक मंच प्रदान करता है। शशि थरूर, विक्रम संपत, सलमान खुर्शीद,कुणाल बसु, वीर सांघवी, विकास झा, ल्यूक कुतिन्हो जैसे अन्य प्रख्यात लेखक इससे पहले ‘किताब’ कार्यक्रम में सफलतापूर्वक अपनी बुक लॉन्चिंग कर चुके हैं।

ABHIK BHANU TABLES HIS FOURTH BOOK – HONCHO

MUMBAI: Abhik Bhanu, an Indian journalist by profession has ventured into cinema as writer-director and producer. Apart from short films and making Hindi feature film like: Sab Kuch Hai Kuch Bhi Nahi”, “A Dark Rainbow” and “Gun Pe Done”, he has also authored books like: “A Dark Rainbow”, “Stool Pigeon” and “Blind Faith”. “Honcho” is his fourth novel and has few more thrilling books in the pipeline of releases. “Honcho” has been published by a reputed American publishing company and is being made available all across the globe.

Highlighting about his book, Abhik Bhanu says, “Honcho” is a fictional book and is based on the terrorist story on Kashmir. It talks about Kashmir’s story told Post 370. Has terrorism vanished and peace and tranquility healed wounds of people? Has Kashmiri Pandits returned to their homes? What is the reality of Kashmir? Or, after the revocation of Article 370 in J&K, a deadly game of supremacy began.”

Highlighting about this book, Abhik Bhanu further adds, “The book enlightens the passion of a filmmaker and it took me as long as 15-years to pen this book. It’s nice for a movie script too.”  He further reveals that Honcho has been published by PageTurner Press and Media LLC, a California (Chula Vista) based publishing company which also promises to make a Hollywood movie based on the book.

From the book: “Do you know who the Honchos of these politicians are? The arms manufacturing companies of the world… They decide who lives and who dies. They! They are so powerful that they can destroy the world in seconds; if they decide to do so together. These companies do not have any country or religion. They only know money and power. The politicians obey these Honchos. They have money, they control the state. They help political parties to create issues; so that countries fight and they can sell their arms…… Where would they sell their arms if people don’t fight…..? ………… They need fighters and issues so that they can continue the war. They know they can win their seats in Assembly and Parliament just by keeping these issues alive.”

The author has dedicated the book to all the global film community. Speaking about this book about the book Abhik Bhanu says, “The subject on Kashmir has been touched with wit, humour and satire. The novel offers guts and conviction and on the other hand portrays friendship and love in any situation. The book has grey characters which believe in rules can be broken as and when required, or rather manipulate it as and when needed.”

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities...

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities...

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”