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Global Premium Bathroom Brand GROHE Hosted An Exclusive GROHE SPA Design Showcase At Pullman, Aerocity, New Delhi, With Celebrity Interior Designer Gauri Khan Leading The Evening...

Celebrity interior designer Gauri Khan was at the heart of an exclusive GROHE SPA design showcase, where luxury, design, and wellness converged in an intimate, invite-only setting. The evening explored how the modern bathroom is evolving into a personalised sanctuary , shaped by individual lifestyles, thoughtful design, and refined aesthetics.

Curated as an immersive design experience, the showcase presented bespoke bathroom concepts and architectural installations, engaging architects, designers, and lifestyle tastemakers. Set against a gallery-style backdrop, the Design Dialogue highlighted a growing shift toward experience-led luxury, where design narratives play an increasingly influential role in shaping contemporary luxury spaces.

With Gauri Khan leading the conversation, the evening reflected how design leadership, when rooted in authenticity and craftsmanship, continues to influence the way luxury homes are imagined and created today.

GROHE is a leading global brand for complete bathroom solutions & kitchen fittings, with GROHE SPA representing its most refined expression, a high-end portfolio dedicated to personalised luxury and wellness-inspired water experiences.

Global Premium Bathroom Brand GROHE Hosted An Exclusive GROHE SPA Design Showcase At Pullman, Aerocity, New Delhi, With Celebrity Interior Designer Gauri Khan Leading The Evening

दिल को छूती है और दिमाग को झकझोरती है भोजपुरी फिल्म ‘अँचरा के दाग’, प्रिव्यू में दिग्गज हस्तियों ने की सराहना...

जे के पिक्चर्स प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाई गई भोजपुरी फिल्म ‘अँचरा के दाग’ का प्रिव्यू मुंबई के इम्पा हॉउस थियेटर में किया गया। पूरी फिल्म देखने के लिए फिल्म इंडस्ट्री के नामी गिरामी दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की और सभी ने मुक्त कंठ से फिल्म के कहानी, मेकिंग, लेखन-निर्देशन की मुक्त कंठ से प्रशंसा किया। फिल्म देखने के बाद रिव्यू देते हुए सभी ने कहा कि ‘ये फिल्म एक ऐसी कहानी को बयां कर रही है, जो सौतेली मां के प्रति लोगों की सोच बदल देगी। आज तक लोगों ने कभी सौतेली मां के मातृत्व की चर्चा नहीं की है, सिर्फ सौतेला नजर से ही देखा है। फिल्म के निर्माता निर्देशक ने ये फिल्म बनाकर एक नई मिसाल कायम करते हुए इतिहास रचने का सराहनीय प्रयास किया है। यह फिल्म हर किसी को देखना चाहिए।’ वहीं फिल्म के निर्माता कंधन मुदलियार और लेखक व निर्देशक रामबली गुप्ता ने बताया कि ‘अँचरा के दाग’ सिर्फ एक पारिवारिक नाटकीय फिल्म नहीं, बल्कि समाज के सोच को बदलने वाला आइना है। यह फिल्म दिल को छूती है और दिमाग को झकझोरती है।’

गौरतलब है कि जे के पिक्चर्स प्रा.लि. प्रस्तुत भोजपुरी फिल्म ‘अँचरा के दाग’ का टीजर जे के पिक्चर्स के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया जा चुका है। इस फिल्म के निर्माता कंधन मुदलियार हैं। लेखक व निर्देशक रामबली गुप्ता हैं। मुख्य कलाकार काजल यादव, कुणाल तिवारी, रूपा सिंह, आराधना भारती, राहुल कुमार, सरफुद्दीन अंसारी, सुहाना खान, केशव राम, अभय राय, राजमती, अनंत राम, सोनी सुमन, ममता मौर्य, सपना यादव, शिल्पा, मंदीप कुमार, विशाखा हैं। सिंगर साजन मिश्रा और आरती भारद्वाज हैं। गीतकार यादव नीरज, संगीतकार मंदीप विश्वकर्मा, डीओपी राजन जायसवाल, एसोसिएट डायरेक्टर अमरनाथ गुप्ता हैं। एडिट और डीआई महेश नेमा (जानकीदेवी स्टूडियोज़) ने किया है। मेकअप और हेयर राकेश राजभर, पोस्ट-प्रोडक्शन जानकीदेवी स्टूडियोज़ और टीएमके स्टूडियो ने किया है।

इस फिल्म को लेकर फिल्म के निर्माता कंधन मुदलियार ने कहा कि ‘फिल्म ‘अँचरा के दाग’ का मूल उद्देश्य समाज में ममता, स्त्री की असली शक्ति, और सौतेली माँ के प्रति बनी हुई नकारात्मक सोच को चुनौती देना है। यह कहानी एक औरत के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और ममता को सामने लाती है, जो अपने सौतेले बेटे के लिए वो कर जाती है, जिसे शायद कोई सगी माँ भी ना कर पाए।’

वहीं लेखक व निर्देशक रामबली गुप्ता ने कहा कि इस फिल्म मुख्य उद्देश्य है –

‘सौतेली माँ की छवि को बदलना’ :

“यह फिल्म समाज में व्याप्त उस धारणा को तोड़ती है कि सौतेली माँ केवल अत्याचार करती है। अनीता के किरदार के माध्यम से यह दिखाया गया है कि ममता खून का नहीं, दिल का रिश्ता है।’

‘महिला सशक्तिकरण’ :

‘अनीता न केवल मातृत्व की मिसाल बनती है, बल्कि अंत में हर महिलाओं को समाज के प्रति अच्छा रुख अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है।’

‘गलतफहमियों के परिणाम’ :

‘यह फिल्म दर्शाती है कि शक और अफवाहें किस तरह रिश्तों को तबाह कर सकती हैं- और किस हद तक इंसान गलत निर्णय ले सकता है।’

‘संवेदनशील मुद्दों को संवेदनशीलता से छूना’ : ‘मातृत्व, पुनर्विवाह, गांव की सोच जैसे मुद्दों को सहज और भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।’

‘सकारात्मक संदेश और अंत’ :

‘फिल्म यह संदेश देती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, सच्चाई और ममता अंत में जीतती है।’

 

धीरू यादव और नीरज सानू की मुहीम भोजपुरी बढ़ाओ, ‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ पर रिलीज भोजपुरी फिल्म ‘पैडल के सवारी’ का ट्रेलर एक नई क्रांति है

मनीष ऋषि, राधिका यादव, दीपक दिनकर, निर्देशक नीरज सानू की भोजपुरी फिल्म ‘पैडल के सवारी’ रचेगी नया इतिहास...

प्यारो मीडिया एंड एंटरटेनमेंट एलएलपी प्रस्तुत इन एसोसिएशन विथ आरडीसी टीम एंटरटेनमेंट और सिल्वर म्यूजिक बैनर के तले बनाई गई भोजपुरी फिल्म ‘पैडल के सवारी’ के ट्रेलर को बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया इस फिल्म के ट्रेलर को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज संजय पांडेय, अनूप अरोरा, मनोज टाईगर, देव सिंह सहित बहुत सी हस्तियों ने शेयर किया और फिल्म की सराहना करते हुए अपने-अपने सार्थक विचार भी व्यक्त किये हैं।

गौरतलब है कि गुजरे जमाने की व्यथा और आज के जमाने में भी कहीं ना कहीं समाज में कुंठित मनोदशा का सार्थक बयान कर रही भोजपुरी फिल्म ‘पैडल के सवारी’ का ट्रेलर बहुत ही मार्मिक और हृदय स्पर्शी है। ऐसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज करने के लिए साधुवाद है क्रांतिकारी स्वभाव के निर्माता निर्देशक धीरू यादव का, जिन्होंने ऐसे सब्जेक्ट को सपोर्ट करने का बीड़ा उठाया और  फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर नीरज सानू भूरि-भूरि प्रशंसा के हकदार हैं, जिन्होंने ऐसे सब्जेक्ट पर फिल्म बनाया है। ऐसी फिल्म से निश्चित ही भोजपुरी सिनेमा की दशा और दिशा में बदलाव होगा और भोजपुरी सिनेमा की वास्तविक पहचान बनेगी।

बदलाव की आँधी के रूप में निर्मित की गई भोजपुरी फिल्म ‘पैडल के सवारी’ के प्रोड्यूसर नीरज प्रसाद हैं। को-प्रोड्यूसर सिपाही लाल यादव और विद्यार्थी टेलीकॉम हैं। लेखक व निर्देशक नीरज सानू हैं। इस फ़िल्म में मुख्य कलाकार राधिका यादव, दीपक दिनकर, मनीष ऋषि तथा  शिवाय दक्ष हैं। पीआरओ रामचन्द्र यादव, सोनू यादव, कैमरा प्रोडक्शन बी.के फिल्म्स, ब्रजेश प्रजापति, सागर फिल्म्स नीरज, घनश्याम, संगीतकार रोहित स्वराज, गीतकार बिट्टू विद्यार्थी, सिंगर प्रमोद सानू हैं। डीओपी बीरबल और राहुल जयकर, एडिटर विक्की एस राज हैं। डीआई विक्की एस राज ने किया है। असिस्टेंट डायरेक्टर शिवाजी दक्ष और विकास फाटेस्टी, मेकअप आर्टिस्ट नेहा प्रजापति, सपोर्ट मनीष राज, गौरव और निरंजन खरवार, कॉस्ट्यूम डायरेक्टर नीरज सानू और शिवाजी दक्ष, कोरियोग्राफर नीरज सानू और टीम हैं। कॉन्सेप्ट आइडिया पूर्वा वर्मा, प्रियंका सानू, दीपक दिनकर और आरडीसी टीम का है। पोस्ट प्रोडक्शन प्राग फिल्म, पोस्टर डिजाइनर सोनू मद्धेशिया और राजा स्वराज ने किया है।

धीरू यादव और नीरज सानू की मुहीम भोजपुरी बढ़ाओ, ‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ पर रिलीज भोजपुरी फिल्म ‘पैडल के सवारी’ का ट्रेलर एक नई क्रांति है

Deepak Saraswat Creates History: Influencer Breaks All Records In The Podcast Era...

Setting a new milestone in the world of social media, Deepak Saraswat has shattered all records on Instagram. By gaining 100 million views in just 24 hours, he has established a unique record among Indian content creators.

​On January 12th, a video titled “Bharat Podcast” posted by Deepak Saraswat garnered 10 million views in just one hour.

In this video, Deepak presented a deep and emotional life lesson by connecting it to the “Table of Eight” (Aath ka Pahada). This unique storytelling style resonated so strongly with the audience that the video surged to  60 million views within just 6 hours. Viewers have widely praised the content as a powerful metaphor for overcoming fear and life’s struggles.

​Record-Breaking Achievemen

​Unprecedented Growth: Until now, achieving such high views on an Indian Instagram video in such a short span was considered nearly impossible.

​Global Impact: –

Deepak Saraswat’s video has become a topic of discussion not only in India but on a global scale.

​Digital Power:- This achievement highlights how the influence of podcasts and digital content is reaching new heights.

​A History of Setting Milestones

​Deepak Saraswat is no stranger to success; he has previously broken several records on Facebook. As a filmmaker and podcaster, he has consistently proven that Indian content creators can carve out a distinct identity on the global stage.

​Audience Reaction

​Millions of users shared the video and flooded the comments with appreciation.

​Many have hailed it as a “New Chapter in India’s Digital Revolution.”

​The video was particularly popular among youth, who played a pivotal role in its viral success.

​Looking Ahead

​The success of Deepak Saraswat proves that Indian creators are no longer limited to national boundaries but are making their mark globally. This fusion of podcasting and short-form video is set to define the future direction of digital media.

https://www.instagram.com/reels/DTXrHFEjbt2/

Deepak Saraswat Creates History: Influencer Breaks All Records In The Podcast Era

लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता शर्मा...

लोकसंगीत की शुद्ध परंपरा को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जीवंत बनाए रखने वाली चर्चित लोकगायिका ममता शर्मा इन दिनों श्रोताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। बनारस की सांस्कृतिक चेतना से रचा-बसा उनका स्वर लोक और शास्त्रीय संगीत के दुर्लभ संतुलन का सशक्त उदाहरण है।

परंपरा से उपजा संगीत-सफर

ममता शर्मा बताती हैं कि उनका संगीत-सफर किसी पूर्व नियोजित योजना का परिणाम नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कारों की देन है। उनके दादाजी पंडित ताराचंद जैतले जी शास्त्रीय संगीत में गहरी रुचि रखते थे। बचपन में उनके सान्निध्य ने ही संगीत के बीज बो दिए और बहुत छोटी उम्र से लोक व शास्त्रीय संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया।

बनारस: सुर-साधना की आत्मा

बनारस में जन्मी और पली-बढ़ी ममता शर्मा के स्वर में काशी की सांस्कृतिक चेतना स्वाभाविक रूप से समाई है। कजरी, चैती और लोकधुनें उनके गायन की पहचान हैं। उनके शब्दों में, “बनारस केवल मेरी जन्मभूमि नहीं, मेरी सुर-साधना की आत्मा है।”

गुरु-परंपरा का सशक्त आधार

उन्हें बनारस घराने के जलपा गुरुजी से प्रारंभिक मार्गदर्शन मिला, जिसके बाद पद्मभूषण श्रीमती गिरिजा देवी जी की शिष्या बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दोनों गुरुओं से उन्हें शास्त्रीय अनुशासन के साथ लोकभाव की गहराई समझने का अवसर मिला यही उनके संगीत का आधार स्तंभ है।

लोकगीतों की कालजयी शक्ति

ममता शर्मा मानती हैं कि लोकगीत आम जनजीवन की भावनाओं—सुख-दुख, ऋतु, प्रेम और संघर्ष—को सहजता से स्वर देते हैं। यही कारण है कि समय बदलने पर भी लोकगीत कभी पुराने नहीं पड़ते।

परंपरा और आधुनिकता का संतुलन

आज की चुनौती पर वे कहती हैं कि लोकसंगीत की शुद्धता बनाए रखते हुए उसे नए माध्यमों तक पहुँचाना आवश्यक है। प्रस्तुति और तकनीक आधुनिक हो सकती है,लेकिन लोकसंगीत की आत्मा से समझौता नहीं होना चाहिए। ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति सराहनीय है।

लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता शर्मा