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बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन से प्रेरित होकर अनिल शर्मा ने सिनेमा में किया पदार्पण | कई भोजपुरी फिल्मों, वेब सीरीज और लघु फिल्मों का कर चुके हैं निर्माण व निर्देशन...

कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) : फिल्मी दुनिया की चकाचौंध सभी को आकर्षित करती हैं। दर्शक मुख्यतः मनोरंजन के लिए आकर्षित होते हैं। वहीं, इस क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़े लोग यश, वैभव एवं मान – सम्मान के लिए जुड़ते हैं अथवा फिल्म इंडस्ट्री में कुछ करने की इच्छा व जुनून होता हैं। कई इस क्षेत्र में पहले से कामयाबी हासिल कर चुके शख्सियत से प्रेरित होकर आते हैं अथवा अपने शौक को आजीविका बनाने आते हैं। लेकिन, कुशीनगर उत्तरप्रदेश के अनिल शर्मा उनमें से नहीं हैं। अनिल शर्मा पेशे से इंजीनियर हैं और अभिनय में रुचि की वजह से आज निर्माता – निर्देशक भी बन चुके हैं।

वर्तमान में अपने पेशे के साथ फिल्मों के निर्माण व निर्देशन कार्य को भी पूरा कर रहें हैं। कई भोजपुरी फिल्मों सहित वेब सीरीज और लघु फिल्मों का निर्माण – निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से ली। फिल्मों में आने का मकसद समाज को पारवारिक, सामाजिक और सभ्य दिशा देने वाली फिल्में देना हैं और प्रयास करना हैं कि अश्लील, फूहड़ व भद्दी फिल्में ना बनें।

इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन से मिलें और प्रेरित हुए

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में किसी कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे और इसी क्रम में निर्माता निर्देशक अनिल शर्मा की मुलाकात सर्किट हाउस में अमिताभ बच्चन से हुई। इस मुलाकात ने अनिल शर्मा को काफी प्रेरित किया और अभिनय में इनकी रुचि जागृत हुई। इन्होंने में मन बना लिया कि फिल्म के क्षेत्र में भी काम करेंगे। इसके बाद भोजपुरी फिल्म ” बलम परदेसिया ” के खलनायक बीरेंद्र से भी मिलें। उनके सुझाव से काफी प्रेरित हुए और मन की इच्छा बढ़ी एवं पूरी तरह से मन बना लिया कि अभिनय करेंगे।

भोजपुरी फिल्म ” गंगा किनारे ” में मिला छोटा सा किरदार

उन दिनों इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में भोजपुरी फिल्म ” गंगा किनारे ” की शूटिंग चल रही थी। अनिल शर्मा ने सोचा इस फिल्म में अभिनय को लेकर एक प्रयास किया जाए और पहली बार इस फिल्म से एक छोटा सा किरदार करने का मौका मिला। उस समय बहुत प्रसन्न हुए कि अब फिल्मों में भी एक शुरुआत कर लिए हैं। आगे का रास्ता भी निकल ही जाएगा।

अभिनय के बाद बनें सहायक निर्देशक और फिर निर्माता – निर्देशक

बतौर अभिनेता फिल्म ” गंगा किनारे ” में एक छोटा सा किरदार करने के बाद अनिल शर्मा को भोजपुरी फिल्म ” सईयां जी” में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म पूरी तरह से बनकर तैयार तो हुई, लेकिन किसी कारणवश रिलीज नहीं हो पाई। इसके बाद से अनिल शर्मा ने मन बनाया कि स्वयं निर्माण भी करेंगे और निर्देशन भी। जिसके पश्चात भोजपुरी गायक आलोक कुमार और अभिनेत्री कनक पांडेय को लेकर फिल्म ” हमर बेटी ” बनाई। कई शॉर्ट फिल्मों का भी निर्देशन किया। जिनमें ” सैनिक हिन्दुस्तानी “, ” प्रेम प्रतिज्ञा ” एवं अन्य शामिल हैं। वेब सीरीज रक्षक एवं सच्चाई का भी निर्देशन किया। जबकि, भोजपुरी फिल्म ” लागी ऐसी लगन ” का पोस्ट प्रोडक्शन चल रहा हैं। आगामी फिल्में जज साहब और पिपरा के छांव में की भी तैयारी चल रहीं हैं। बहुत जल्द इनकी शूटिंग शुरू होगी।

अनिल शर्मा की शिक्षा, रुचि और नौकरी

अनिल शर्मा मूलतः उत्तरप्रदेश के कुशीनगर से हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की हैं। शुरुआत में कई कंपनियों में बतौर इंजीनियर नौकरी किए और वर्तमान में डिप्टी इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। फिल्म निर्माण – निर्देशन में रुचि हैं। जिसे करते रहना हैं और नौकरी के साथ इसे भी बरकरार रखना हैं। जब सेवानिवृत्त हो जाएंगे, फिर पूरी तरह से फिल्म इंडस्ट्री के लिए ही काम करेंगे।

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन से प्रेरित होकर अनिल शर्मा ने सिनेमा में किया पदार्पण | कई भोजपुरी फिल्मों, वेब सीरीज और लघु फिल्मों का कर चुके हैं निर्माण व निर्देशन

 

“From The Visible To The Invisible” An Exhibition Of Paintings By Annpurna Shukla In Jehangir Art Gallery...

From: 14th to 20th September 2026

From The Visible To The Invisible

An Exhibition of Paintings

By

Annpurna Shukla

VENUE:

Jehangir Art Gallery

Hirji Gallery

M.G. Road

Kala Ghoda, Mumbai 400001

Timing: 11am to 7pm

Contact: +91 9414440030

Annpurna Shukla was born on the 1st of September, 1964, and has spent the better part of her life in Jaipur, a city whose light, colour, and centuries-old visual traditions seem to have settled somewhere deep in her practice. She didn’t arrive at art as a hobby that grew into a career; she built an entire life’s architecture around it, as a painter, a teacher, a researcher, and eventually, a chronicler of the very traditions she grew up around. Her early recognition came through the circuit familiar to so many serious Indian artists: state exhibitions, teachers’ art shows, regional Lalit Kala Akademi platforms.

Her current work tells the story of narrowing, and that’s really the more interesting story. This September, that narrowing arrives at one of India’s most storied art addresses, the Jehangir Art Gallery in Mumbai, with a solo show called Drishya Se Adrishya, “From the Visible to the Invisible.” Opening on the 14th of September and running through the 20th at Hirji Gallery inside Jehangir Art Gallery, the show is framed by Shukla not as a landscape show but as a record of her own maturing eye. In her own words, an artist’s early years are usually spent chasing clarity, trying to render the visible world with more and more precision. But somewhere along the way, if the practice deepens, the opposite instinct takes over. Detail starts falling away. What’s left isn’t less, exactly, it’s more distilled. A few lines, a few colours, a gesture, and somehow the whole feeling of a place survives the reduction.

For Shukla, that’s not a stylistic choice so much as a spiritual one. She describes it as a movement from the external toward the internal, from what the eye records toward the quieter consciousness that she feels pulsing behind everything visible. Nature, in this telling, was never really the subject. It was the doorway. The show builds toward this idea in its final stretch, in a series of still-life paintings of potted flowers. Instead of a sprawling landscape, the natural world is gathered into a contained, quiet space, and in that containment, Shukla finds a kind of wholeness that the wide view couldn’t offer. Many forms, many directions, folding into one harmonious presence.

Walk into Hirji Gallery this September and you’ll find work that rewards slowness: watercolours where mountains soften into memory, and canvases where the density of brushwork, closer up, dissolves into abstraction, all cream, ochre and indigo, before resolving again into something like a forest floor or a tangle of undergrowth. It’s the kind of painting that changes depending on how close you stand to it, which feels like the whole point. Six decades in, Annpurna Shukla isn’t done chasing precision, she’s just decided precision might live somewhere other than detail. Drishya Se Adrishya is less an exhibition of paintings than an invitation to look the way she’s learned to: past the visible, toward whatever it’s quietly pointing at.

This show was inaugurated on 14th September 2026 by  Honorable Guests – Prof. Him Kumar Chatterjee – Vice Chancellor, Sir J.J. School of Art, Architecture & Design, Mumbai, Mr. Prakash Bal Joshi – Chairman, Artist Center Art Gallery & Eminent Artist , Mr. John Douglas ( Renowned Artist) among others.

 

“From The Visible To The Invisible” An Exhibition Of Paintings By  Annpurna Shukla In Jehangir Art Gallery

 

प्रतिभा राज, दामिनी यादव को मिला वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स का साथ, नया भोजपुरी लोकगीत ‘पइसा चाही कि मेहरी बलम’ ने बजाया डंका...

सिंगर प्रतिभा राज और एक्ट्रेस दामिनी यादव को लेकर भोजपुरी की मोस्ट पॉपुलर म्यूज़िक वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स ने नया भोजपुरी लोकगीत ‘पइसा चाही कि मेहरी बलम’ का निर्माण किया है। इस गाने में सिंगर और एक्ट्रेस की जोड़ी को संगीतप्रेमियों के बीच बहुत पसंद किया जा रहा है। ये गाना वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया गया है। भोजपुरी की मशहूर गायिका प्रतिभा राज की खनकती आवाज़ में गाया हुआ यह पारिवारिक एवं मनोरंजक श्रोताओं मन मोह रहा है। ये गाना पति-पत्नी के खट्टे-मीठे रिश्ते पर आधारित है। इस गाने के वीडियो में पति अवनीश आर्य और पत्नी दामिनी यादव के बीच होने वाली मीठी नोकझोंक, तकरार और अगाध प्रेम दर्शाया गया है।

वीडियो में खूबसूरत एक्ट्रेस दामिनी यादव के साथ हैंडसम एक्टर अवनीश आर्य की शानदार केमिस्ट्री दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत भोजपुरी लोकगीत ‘पइसा चाही कि मेहरी बलम’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर प्रतिभा राज ने मधुर आवाज में गाया है। इसके वीडियो में एक्ट्रेस दामिनी यादव ने गरदा शानदार परफॉर्मेंस किया है। उनके साथ एक्टर अवनीश आर्य ने अभिनय किया है। इस गाने को गीतकार रिज़वान खान ने लिखा है, जबकि संगीतकार छोटू बंटी ने मधुर संगीत दिया है।

वीडियो डायरेक्टर सुनील बाबा, डीओपी रंजन, कोरियोग्राफर एमके गुप्ता जॉय, एडिटर आलोक गुप्ता हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है। वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एमडी और फ़िल्म निर्माता रत्नकर कुमार ने कहा कि ‘हमारे देश में पति-पत्नी का रिश्ता बहुत ही प्यारा होता है। इस गीत में उनके बीच और मीठी तकरार को दर्शकों के बीच मनोरंजनपूर्ण प्रस्तुत किया गया है। इस गाने को भरपूर प्यार आशीर्वाद देने के लिए सभी को दिल से धन्यवाद!’

प्रतिभा राज, दामिनी यादव को मिला वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स का साथ, नया भोजपुरी लोकगीत ‘पइसा चाही कि मेहरी बलम’ ने बजाया डंका

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स से रिलीज हुआ माही श्रीवास्तव का नया धमाकेदार भोजपुरी गाना ‘गाड़ी फॉर्च्यूनर लागी’, गोल्डी यादव की सुरीली आवाज ने जीता दिल...

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब अपने नाम कर चुकी एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव करोड़ों दिलों पर राज करने के साथ ही साथ अपनी बेहतरीन अदाकारी और कातिलाना डांस मूव्स से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। उनका जब भी कोई गाना आता है तो दर्शक हाथों हाथ लेते हैं। ऐसे में भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री की लोकप्रिय म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर नया भोजपुरी लोकगीत ‘गाड़ी फॉर्च्यूनर लागी’ रिलीज किया गया है। इस गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर संगीत प्रेमियों के बीच इसे जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस गाने में माही श्रीवास्तव ग्लैमरस लुक और लाजवाब स्टाइल से दर्शकों का दिल जीत रही हैं। इस गाने को भोजपुरी की चर्चित गायिका गोल्डी यादव ने अपनी मधुर और सुरीली आवाज में गाया है। गोल्डी यादव की गायकी और माही श्रीवास्तव की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने इस गाने में चार चांद लगा दिया है। शानदार लोकेशन और बेहतरीन कोरियोग्राफी के साथ बनाया गया इस गाने के वीडियो में माही श्रीवास्तव सिल्वर और पर्पल कॉम्बिनेशन की साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। वह अपनी कातिल अदाओं से महफिल में शमां बाँध रही हैंऔर लोगों को दीवाना मस्ताना बना रही हैं।

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत भोजपुरी गाना ‘गाड़ी फॉर्च्यूनर लागी’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर गोल्डी यादव ने गाया है। इसके वीडियो में एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव ने शानदार अदायगी करके कयामत ढा रही हैं। इस गाने को गीतकार रवि यादव ने लिखा है, जबकि संगीतकार छोटू बंटी ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर गोल्डी जायसवाल, डीओपी राजन वर्मा, कोरियोग्राफर सनी सोनकर, एडिटर आलोक गुप्ता हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।

फिल्म निर्माता व वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स एमडी रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘हम हमेशा अपने दर्शकों के लिए साफ-सुथरा और बेहतरीन मनोरंजन लाने की कोशिश करते हैं। ‘गाड़ी फॉर्च्यूनर लागी’ एक ऐसा लोकगीत है, जिसे लोग अपने परिवार के साथ मिलकर सुन और देख सकते हैं। गाने को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स के लिए दर्शकों के धन्यवाद!’

इस गाने पर अभिनेत्री माही श्रीवास्तव ने कहा कि ‘मेरे दिल के करीब ये गाना ‘गाड़ी फॉर्च्यूनर लागी’ एक बहुत ही मनोरंजक और पारिवारिक लोकगीत है। इसमें काम करके मुझे बहुत मज़ा आया। रत्नाकर कुमार सर ने बहुत ही बेहतरीन गाने की मेकिंग किया है, जो कि दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है। इस गाने को अपना भरपूर प्यार और आशीर्वाद देने के लिए फैंस और ऑडियन्स को दिल से थैंक्यू।’

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स से रिलीज हुआ माही श्रीवास्तव का नया धमाकेदार भोजपुरी गाना ‘गाड़ी फॉर्च्यूनर लागी’, गोल्डी यादव की सुरीली आवाज ने जीता दिल

प्रोड्यूसर हर्षद शाह, राजेन्द्र सोनी, संजय चौहान, निर्देशक सुशील सिंह ‘यश’ की भोजपुरी फिल्म ‘समधिनिया जवान चाही’ की शूटिंग शुरू कुशीनगर में...

हैबेन एंटरटेनमेंट एवं स्पर्श स्टूडियो के बैनर तले प्रोड्यूसर हर्षद शाह, राजेन्द्र सोनी, संजय चौहान द्वारा बनाई जा रही भोजपुरी फिल्म ‘समधिनिया जवान चाही’ की शूटिंग शुरू की गई है। बता दें कि मोस्ट टैलेंटेड डायरेक्टर सुशील सिंह ‘यश’ के कुशल निर्देशन में बन रही इस फिल्म के हीरो सर्वेश सिंह हैं, जो गायक से नायक बनने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आजकल सुर्खियों में छाये हुए हैं। ऐसे में एक्टर सर्वेश सिंह, एक्ट्रेस मेघा श्री और डायरेक्टर की तिकड़ी में उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जिला कुशीनगर में फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ग्रैंड मुहूर्त संपन्न किया गया।

मुहूर्त पूजन के समय वैदिक मंत्रोचार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ फिल्म का पहला क्लैप बोर्ड देकर कुशीनगर के मनोरम लोकेशन पर फिल्म की शूटिंग का शुभारंभ किया गया है। गौरतलब है कि डायरेक्टर सुशील सिंह ‘यश’ के कुशल निर्देशन में बड़े पैमाने पर बनाई जा रही भोजपुरी फ़िल्म ‘समधिनिया जवान चाही’ में केंद्रीय भूमिका में सर्वेश सिंह और साउथ व भोजपुरी सिनेमा की सुपरस्टार एक्ट्रेस मेघा श्री हैं।

उनकी शानदार केमिस्ट्री दर्शकों का फुल एंटरटेनमेंट करने वाली है। फिल्म के प्रोड्यूसर हर्षद शाह, राजेन्द्र सोनी, संजय चौहान हैं। लेखक अरविन्द यादव, डीओपी सावन प्रजापति, संगीतकार आर्यन पोट्टर हैं। मुख्य कलाकार सर्वेश सिंह, मेघा श्री, मनोज द्विवेदी, उमाकांत राय, लाल धारी, रिंकू आयुषी, सृष्टि भंडारी,खुशी मौर्य, युषि पाल, रिया मौर्य आदि हैं।

प्रोड्यूसर हर्षद शाह, राजेन्द्र सोनी, संजय चौहान, निर्देशक सुशील सिंह ‘यश’ की भोजपुरी फिल्म ‘समधिनिया जवान चाही’ की शूटिंग शुरू कुशीनगर में