nav-left cat-right
cat-right

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का नया धमाकेदार गाना जल्द, दुबई की खूबसूरत लोकेशन्स पर हो रही है शूटिंग...

भोजपुरी संगीत की मोस्ट पॉपुलर म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी संगीतप्रेमियों के लिए एक बार फिर बहुत कुछ बेहद खास और बड़े पैमाने पर सरप्राइज पैक्ड लेकर आने वाली है। बता दें कि विदेश की खूबसूरत शहर दुबई के बहुत रमणीय लोकेशन पर मेगा बजट के साथ गानों की शूटिंग जोर शोर से की जा रही है, जोकि ऑडियन्स के लिए सरप्राइज गिफ्ट होने वाला है। वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी के एमडी रत्नाकर कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से यह जानकारी साझा किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने ऑफिसियल अकाउंट से महँगी लग्जरी गाड़ी के साथ अलग-अलग पोस्ट करके कैप्शन लिखा है कि… “दुबई में शूट… नया गाना जल्द आ रहा है, सिर्फ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी पर…”

इस पोस्ट पर फैंस जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और अपने पसंदीदा कलाकारों व वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स की पूरी टीम को बधाई दे रहे हैं। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि गाने का टाइटल और सिंगर कौन हैं, जिससे पर्दा उठना अभी बाकी है।

गौरतलब है कि फिल्म निर्माता और वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी के एमडी रत्नाकर कुमार ने दुबई में गाने की शूटिंग के दौरान की खास तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिसमें वे एक लग्जरी स्पोर्ट्स कार (फेरारी) के साथ नज़र आ रहे हैं। उनके इस लुक और तस्वीरों को देखकर फैंस के बीच गाने को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। तस्वीरों में दिख रही भव्यता इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि यह गाना विजुअल्स और म्यूजिक प्रोडक्शन के मामले में भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। दुबई की हाई-टेक सड़कों और खूबसूरत दृश्यों के बीच इस गाने को काफी बड़े बजट पर तैयार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि ‘वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स’ भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री की एक ऐसी म्यूजिक कंपनी है, जिसके माध्यम से रत्नाकर कुमार ने लगातार एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने और फिल्में दर्शकों के बीच पेश की हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भोजपुरी संगीत को पहचान दिलाने में इस कंपनी का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

अपनी एक और नई पहल पर बात करते हुए रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘हम हमेशा अपने भोजपुरी दर्शकों को कुछ नया, अलग और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मनोरंजन देने का प्रयास करते हैं। दुबई में इस नए प्रोजेक्ट की शूटिंग का अनुभव बेहद शानदार है। यह गाना सिर्फ गीत-संगीत के मामले में ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन विजुअल्स और लोकेशन्स के कारण भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। जल्द ही यह गाना हमारे ऑफिसियल यूट्यूब चैनल वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स पर रिलीज़ किया जाएगा।’

https://www.instagram.com/p/Da5Us6xDCz4/

 

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का नया धमाकेदार गाना जल्द, दुबई की खूबसूरत लोकेशन्स पर हो रही है शूटिंग

फिल्म जगत के प्रख्यात अशफ़ाक खोपेकर को मिला महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ का प्रतिष्ठित सम्मान...

मुंबई:भारतीय फिल्म उद्योग के जाने-माने लेखक, निर्देशक और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अशफ़ाक खोपेकर को सिनेमा जगत और समाज सेवा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों प्रतिष्ठित “भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अवार्ड्स 2024” के अंतर्गत ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ (Best Bollywood Activist) के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।पिछले 33 वर्षों (साल 1993) से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय अशफ़ाक खोपेकर ने अपना पूरा जीवन पर्दे के पीछे काम करने वाले कामगारों, तकनीशियनों के अधिकारों की रक्षा और समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है।

राज्यपाल महोदय द्वारा मिला यह सम्मान उनके इसी निस्वार्थ संघर्ष पर एक बड़ी मुहर है।सिनेमा जगत के अधिकारों की बुलंद आवाजअशफ़ाक खोपेकर फिल्म उद्योग की अग्रणी संस्थाओं जैसे IMPA, MCAI, SWA और IFTDA के सम्मानित सदस्य हैं। वे FWICE (Federation of Western India Cine Employees) के सक्रिय सदस्य और सलाहकार भी हैं।विवादों का शांतिपूर्ण समाधान: साल 2010 से 2012 तक IFTDA की डिस्प्यूट सेटलमेंट कमेटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने सैकड़ों सदस्यों के विवादों को सुलझाकर उन्हें न्याय दिलाया।संगठनों का नेतृत्व: वर्तमान में वे ‘स्क्रीनराइटर गिल्ड ऑफ इंडिया’ और ‘दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन’ के अध्यक्ष (President) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

IPRS में सुधार की लड़ाई: IPRS (Indian Performing Right Society) के सदस्यों पर हो रहे अत्याचारों और रॉयल्टी वितरण में धांधली के खिलाफ उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसके कारण कमेटी के सदस्यों में ऐतिहासिक बदलाव आया। यह संघर्ष आज भी जारी है।बिना किसी डोनेशन के 15 सालों से सम्मान और सेवा’दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन’ के बैनर तले अश्फ़ाक खोपेकर पिछले 15 वर्षों से हर साल फिल्म जगत के उन तकनीशियनों को सम्मानित कर रहे हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरी फिल्म बनाते हैं। बिना किसी बाहरी डोनेशन या चंदे के, वे हर साल इन तकनीशियनों को ट्रॉफी और ₹11,000 की सम्मान राशि भेंट करते हैं। इसके अलावा, इसी फाउंडेशन के तहत उन्होंने फिल्म जगत के लोगों के लिए 3 साल तक मुफ्त मेडिकल सेंटर चलाकर हजारों लोगों की सेवा की।धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव की मिसाल खोपेकर जी का सामाजिक जीवन मुंबई में सांप्रदायिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता की एक अनोखी मिसाल है:ओमकारेश्वर साईं मंदिर की स्थापना: ‘खोपेकर एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ के तहत उन्होंने दहिसर ईस्ट में अपनी खुद की जमीन पर और अपने निजी खर्च से 3000 वर्ग फुट के ‘ओमकारेश्वर साईं मंदिर’ की स्थापना की। पिछले 25 वर्षों से यहां महाशिवरात्रि उत्सव, साईं भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन वे खुद करते आ रहे हैं।

अनाथ बच्चों की शिक्षा: बोरीवली वेस्ट की आई.सी. कॉलोनी में स्थित ‘मदरसा जामियातुल अजहर’ के माध्यम से वे 40 से 50 अनाथ बच्चों की मुफ्त शिक्षा, भोजन और रहने (आजीविका) का पूरा प्रबंध कर रहे हैं।

मस्जिद का शांतिपूर्ण संचालन: ‘जामातुल मुस्लिमीन’ के अंतर्गत पिछले 13 वर्षों से वे मस्जिद के संचालक (gen.secretory) के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी विवाद या फसाद के हमेशा शांतिपूर्वक और भाईचारे के साथ सारा काम संभाला है।

बहुमुखी प्रतिभा के धनवान: लेखक और निर्देशक एक कड़े संघर्षकर्ता होने के साथ-साथ अशफ़ाक खोपेकर मूल रूप से एक संवेदनशील लेखक और निर्देशक (Writer/Director) हैं। उनकी कई फिल्में, शॉर्ट फिल्में और म्यूजिक एल्बम्स आज भी इंटरनेट पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हैं। उनकी प्रसिद्ध कविता पुस्तक ‘सच्चाई’ (Sachchayee) प्रकाशित होकर सराहना बटोर चुकी है, और इसके अगले 4 भाग (Parts) वर्तमान में प्रकाशन की प्रक्रिया में हैं।१५० से ज्यादा गीत, ग़ज़ल, कव्वाली और भजन    से संगीत प्रेमी को खुश किया है।अशफ़ाक खोपेकर आज भी एसोसिएशन की बेहतरी और समाज के दबे-कुचले लोगों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ अपनी कानूनी और नैतिक लड़ाई पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।—

मीडिया संपर्क के लिए.

ashfaquekhopekar7@gmail.com

Follow Ashfaque Khopekar On Facebook

https://www.facebook.com/k.ashfaque/

 

फिल्म जगत के प्रख्यात अशफ़ाक खोपेकर को मिला महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ का प्रतिष्ठित सम्मान

Rahul Deshpande’s Abhangawari Resonates Through A Packed Shanmukhananda Hall...

Mumbai: Mumbai witnessed an extraordinary evening of devotion, music and spirituality as National Award-winning vocalist Rahul Deshpande presented his acclaimed musical production, Abhangawari, to a packed Shanmukhananda Hall on Saturday.

Shanmukhananda Hall resonated with the soul-stirring sounds of timeless abhangs as Rahul Deshpande transformed the iconic venue into a sacred musical pilgrimage. Every rendition echoed with devotion, filling the auditorium with an atmosphere of faith, emotion and spiritual bliss. Thousands of music lovers and devotees immersed themselves in the divine verses of Maharashtra’s revered saint-poets, making it an unforgettable evening where music became prayer and every note touched the soul.

Among the distinguished guests present were Vandana Deshpande, Rahul Deshpande’s mother; Ashish Shelar, Cabinet Minister for Information Technology & Cultural Affairs; Shrikant Bharatiya, BJP Member of the Maharashtra Legislative Council; Supriya Sule, Member of Parliament (Lok Sabha) and National Working President; industrialist Sadanand Sule; and Parag Satoskar, CEO, Oriental Aromatics Ltd, who joined the audience in experiencing the musical celebration of Maharashtra’s rich Bhakti tradition.

Now in its 11th year, Abhangawari has grown into one of India’s most celebrated devotional musical experiences. Through Rahul Deshpande’s powerful vocals, evocative storytelling, soulful renditions by his sister Deepti Mate, and a stellar ensemble of musicians, the performance beautifully recreated the spirit of the Pandharpur Wari, bringing Maharashtra’s rich Bhakti tradition alive on stage

The audience remained spellbound throughout the nearly three-hour presentation, joining in the chants of “Ram Krishna Hari” and responding with repeated applause and standing ovations. The concert featured timeless compositions of Sant Dnyaneshwar, Sant Tukaram, Sant Namdev, Sant Eknath and other revered saint-poets, creating a deep emotional and spiritual connection with the audience.

Following acclaimed performances across Pimpri-Chinchwad, Indore, Hyderabad, Delhi, Bengaluru, Amravati and Nagpur, the Mumbai concert added yet another glorious chapter to the Abhangawari journey. The overwhelming response once again reaffirmed Rahul Deshpande’s unique ability to bridge generations through devotional music while preserving and celebrating Maharashtra’s timeless cultural and spiritual heritage.

As Abhangawari continues its journey to more cities across India, it carries forward a timeless message of devotion, unity, compassion and faith, proving that the power of music transcends generations and continues to touch hearts across the country.

 

Rahul Deshpande’s Abhangawari Resonates Through A Packed Shanmukhananda Hall

राहुल देशपांडे की ‘अभंगवारी’ ने शन्मुखानंद हॉल को भक्तिरस से सराबोर किया...

मुंबई: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायक राहुल देशपांडे ने शनिवार को मुंबई के प्रतिष्ठित शन्मुखानंद हॉल में अपने बहुचर्चित संगीतमय प्रस्तुति ‘अभंगवारी’ के माध्यम से भक्ति, संगीत और अध्यात्म का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। खचाखच भरे सभागार में हजारों संगीतप्रेमी और श्रद्धालु संतों की अमर वाणी में डूब गए।

राहुल देशपांडे की भावपूर्ण गायकी ने शन्मुखानंद हॉल को मानो पंढरपुर की वारी में बदल दिया। हर अभंग श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत था, जिसने पूरे सभागार को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संत परंपरा के अमर संदेशों से सजी इस संगीतमय संध्या ने उपस्थित सभी लोगों को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया।

कार्यक्रम में राहुल देशपांडे की माता वंदना देशपांडे, महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य श्रीकांत भारतीय, लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले, उद्योगपति सदानंद सुले तथा ओरिएंटल अरोमैटिक्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग साटोस्कर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी ‘अभंगवारी’ आज देश के सबसे प्रतिष्ठित भक्तिमय संगीत आयोजनों में शुमार हो चुकी है। राहुल देशपांडे की प्रभावशाली प्रस्तुति, संत साहित्य पर आधारित भावपूर्ण कथावाचन, उनकी बहन दीप्ती माटे की सुरमयी प्रस्तुति और उत्कृष्ट वादकों की संगत ने पंढरपुर वारी की दिव्य अनुभूति को मंच पर साकार कर दिया।

करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार “राम कृष्ण हरी” के जयघोष से गूंजता रहा। संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव, संत एकनाथ और अन्य संत कवियों की कालजयी रचनाओं ने दर्शकों के मन में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति जगाई। प्रत्येक प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट और स्टैंडिंग ओवेशन ने इस संगीतमय यात्रा को और भी यादगार बना दिया।

पिंपरी-चिंचवड़, इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, बेंगलुरु, अमरावती और नागपुर में मिली शानदार सफलता के बाद मुंबई का यह आयोजन ‘अभंगवारी’ की यात्रा का एक और स्वर्णिम अध्याय बन गया। इस प्रस्तुति ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि राहुल देशपांडे अपनी संगीत साधना के माध्यम से न केवल पीढ़ियों को जोड़ रहे हैं, बल्कि महाराष्ट्र की समृद्ध संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंचा रहे हैं।

देशभर के विभिन्न शहरों में ‘अभंगवारी’ की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। भक्ति, एकता, करुणा और श्रद्धा का संदेश लेकर यह संगीतमय प्रस्तुति हर शहर में लोगों के हृदय को स्पर्श कर रही है और यह सिद्ध कर रही है कि संगीत की शक्ति समय, पीढ़ियों और सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक होती है।

 

राहुल देशपांडे की ‘अभंगवारी’ ने शन्मुखानंद हॉल को भक्तिरस से सराबोर किया

राहुल देशपांडे यांच्या ‘अभंगवारी’ने शन्मुखानंद सभागृह भक्तिरसात न्हाऊन निघाले...

मुंबई: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेते गायक राहुल देशपांडे यांच्या बहुचर्चित ‘अभंगवारी’ या संगीत मैफिलीने शनिवारी मुंबईतील शन्मुखानंद सभागृह भक्ती, अध्यात्म आणि संगीताच्या अविस्मरणीय अनुभवाने भारावून टाकले. हाऊसफुल्ल सभागृहात हजारो रसिकांनी संतवाङ्मयाच्या अमृतवर्षावात स्वतःला हरवून टाकले.

राहुल देशपांडे यांच्या स्वरांनी शन्मुखानंद सभागृह जणू पंढरीच्या वारीत रूपांतरित झाले. संतांच्या अभंगांनी संपूर्ण वातावरण भक्तिमय झाले होते. प्रत्येक रचना ही केवळ सादरीकरण नव्हती, तर ती भक्तीची अनुभूती होती. हजारो भाविक आणि संगीतप्रेमींनी संतांच्या अमर वाणीचा आनंद घेत हा सोहळा अविस्मरणीय ठरवला.

या कार्यक्रमाला राहुल देशपांडे यांच्या मातोश्री वंदना देशपांडे, माहिती तंत्रज्ञान व सांस्कृतिक कार्यमंत्री अॅड. आशिष शेलार, विधान परिषदेचे सदस्य श्रीकांत भारतीय, खासदार आणि राष्ट्रवादी काँग्रेस (शरदचंद्र पवार) पक्षाच्या कार्याध्यक्ष सुप्रिया सुळे, उद्योगपती सदानंद सुळे तसेच ओरिएंटल अरोमॅटिक्स लिमिटेडचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग साटोस्कर यांसह अनेक मान्यवर उपस्थित होते.

अकराव्या वर्षात पदार्पण केलेल्या *’अभंगवारी’*ने आज भारतातील सर्वाधिक लोकप्रिय भक्तिसंगीत मैफिलींपैकी एक म्हणून स्वतःची ओळख निर्माण केली आहे. राहुल देशपांडे यांचे प्रभावी गायन, अभंगांमागील कथांचे रसपूर्ण निवेदन, त्यांची बहीण दीप्ती माटे यांचे सुरेल सादरीकरण आणि उत्कृष्ट वादकांच्या साथीने पंढरपूर वारीचा भावविश्व रंगमंचावर जिवंत झाले.

सुमारे तीन तास चाललेल्या या कार्यक्रमादरम्यान संपूर्ण सभागृह “राम कृष्ण हरी”च्या अखंड गजराने दुमदुमून गेले. संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव, संत एकनाथ आणि इतर संतकवींच्या अभंगांनी रसिकांच्या मनात भक्ती, श्रद्धा आणि अध्यात्माचा गहिरा स्पर्श निर्माण केला. प्रत्येक सादरीकरणानंतर टाळ्यांचा कडकडाट आणि उभे राहून दिलेली दाद यामुळे कार्यक्रमाला उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिळाला.

पिंपरी-चिंचवड, इंदूर, हैदराबाद, दिल्ली, बेंगळुरू, अमरावती आणि नागपूर येथील यशस्वी प्रयोगांनंतर मुंबईतील हा कार्यक्रम *’अभंगवारी’*च्या यशस्वी प्रवासातील आणखी एक सुवर्णक्षण ठरला. भक्तिसंगीताच्या माध्यमातून विविध पिढ्यांना जोडत महाराष्ट्राच्या समृद्ध संतपरंपरेचा आणि सांस्कृतिक वारशाचा गौरव करणारे राहुल देशपांडे यांचे कार्य पुन्हा एकदा अधोरेखित झाले.

देशभरातील विविध शहरांमध्ये *’अभंगवारी’*चा प्रवास सुरू असून भक्ती, एकात्मता, करुणा आणि श्रद्धेचा संदेश प्रत्येक मैफिलीतून रसिकांपर्यंत पोहोचत आहे. संगीत हे पिढ्या, भाषा आणि सीमा ओलांडून हृदयाला स्पर्श करणारे सार्वत्रिक माध्यम असल्याची प्रचीती ‘अभंगवारी’ पुन्हा पुन्हा देत आहे.

 

राहुल देशपांडे यांच्या ‘अभंगवारी’ने शन्मुखानंद सभागृह भक्तिरसात न्हाऊन निघाले